मुजफ्फरपुर। शहर के बेला इंडस्ट्रियल एरिया फेज-वन स्थित ‘श्री कृष्णा फैक्ट्री’ में मंगलवार को लगी भीषण आग ने भारी तबाही मचाई है। आग की लपटें इतनी विकराल थीं कि देखते ही देखते पूरी फैक्ट्री जलकर खाक हो गई। इस भीषण अग्निकांड में लाखों रुपये का कच्चा माल, तैयार उत्पाद और कीमती मशीनें जलकर स्वाहा हो गईं। हालांकि, राहत की बात यह रही कि इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई, क्योंकि फैक्ट्री के भीतर मौजूद कर्मचारी समय रहते बाहर निकलने में सफल रहे।
अचानक मची अफरातफरी
मंगलवार को अचानक फैक्ट्री से उठते काले धुएं के गुबार ने स्थानीय लोगों और आसपास की इकाइयों में कार्यरत मजदूरों में खौफ पैदा कर दिया। आग ने इतनी तेजी से विकराल रूप लिया कि आसपास की फैक्ट्रियों में भी आग फैलने का खतरा मंडराने लगा जिससे पूरे औद्योगिक क्षेत्र में अफरातफरी का माहौल बन गया। लोग अपनी जान बचाने और आग पर काबू पाने की कोशिश में जुट गए।
दमकल विभाग की मुस्तैदी
सूचना मिलते ही अग्निशमन विभाग की टीम तुरंत सक्रिय हुई। आग की गंभीरता को देखते हुए विभाग ने मौके पर चार बड़ी और दो छोटी दमकल गाड़ियां तैनात कीं। दमकल कर्मियों ने घंटों की कड़ी मशक्कत और जोखिम भरी कार्रवाई के बाद आग पर पूरी तरह नियंत्रण पाया। यदि समय रहते आग को नहीं बुझाया जाता तो यह आसपास की अन्य फैक्ट्रियों को भी अपनी चपेट में ले सकती थी जिससे नुकसान का दायरा और बड़ा हो सकता था।
शॉर्ट सर्किट और प्रबंधन की लापरवाही
प्रारंभिक जांच में आग लगने का मुख्य कारण बिजली का शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। हालांकि घटना के वास्तविक कारणों की पुष्टि के लिए विस्तृत जांच की जा रही है। अग्निशमन पदाधिकारी आर.एन. पांडे ने इस घटना के लिए फैक्ट्री प्रबंधन की घोर लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा पूर्व में भी श्री कृष्णा फैक्ट्री प्रबंधन को अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन करने और पर्याप्त उपकरण लगाने के लिए कई बार नोटिस जारी किए गए थे, लेकिन प्रबंधन ने इन चेतावनियों को गंभीरता से नहीं लिया।
घटना के बाद से फैक्ट्री मालिक का कोई अता-पता नहीं है और उनके मोबाइल फोन भी बंद आ रहे हैं, जिससे उनकी जवाबदेही पर बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं। फिलहाल, पुलिस और दमकल विभाग की टीमें घटनास्थल पर गहन पड़ताल कर रही हैं ताकि आग की सटीक वजह और नुकसान का विस्तृत आकलन किया जा सके।

