​मुजफ्फरपुर। नियति का क्रूर मजाक किसे कहते हैं, इसका जीता-जागता उदाहरण मुजफ्फरपुर के कुढ़नी प्रखंड में देखने को मिला। जिस घर में शहनाइयां बजने वाली थीं, वहां से सोमवार को अर्थी उठी। 45 वर्षीय रंजीत भगत, जो अपनी तीसरी शादी को लेकर बेहद उत्साहित थे और जिसकी बारात 13 मई को निकलने वाली थी, रविवार शाम काल के गाल में समा गए।

​बाजार में अचानक गिरा दूल्हा, सीसीटीवी में कैद हुई मौत

​घटना रविवार शाम केरमा चौक की है। रंजीत भगत अपनी शादी से पूर्व होने वाली सत्यनारायण पूजा के लिए बाजार से सामान खरीदने निकले थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, वह सड़क किनारे अपनी बाइक के पास खड़े होकर एक दोस्त से बात कर रहे थे। तभी अचानक उनके सीने में तेज दर्द उठा। इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता या उन्हें अस्पताल ले जाया जाता, वे जमीन पर गिर पड़े। मात्र 10 सेकंड के भीतर उन्होंने दम तोड़ दिया। मौत का यह खौफनाक मंजर पास के सीसीटीवी कैमरे में भी कैद हो गया है। प्राथमिक रूप से मौत की वजह ‘मैसिव हार्ट अटैक’ बताई जा रही है।

​दो नाकाम शादियां और संतान की चाहत

​रंजीत भगत वैशाली जिले के एक निजी डिग्री कॉलेज में कार्यरत थे। उनकी जिंदगी व्यक्तिगत संघर्षों से भरी रही। उनकी पहली शादी समस्तीपुर में हुई थी, लेकिन पत्नी को सरकारी शिक्षिका की नौकरी मिलने के बाद रिश्ता टूट गया और उसने दूसरी शादी कर ली। इसके बाद रंजीत की दूसरी शादी वैशाली में हुई, लेकिन वह रिश्ता भी सफल नहीं रहा और पत्नी अलग हो गई। लंबे समय तक अकेले रहने के बाद, संयुक्त परिवार की सहमति और संतान सुख की लालसा में रंजीत ने तीसरी बार घर बसाने का फैसला किया था।

​बैंड-बाजा और लग्जरी कार की थी बुकिंग

​रंजीत इस शादी को लेकर कोई कसर नहीं छोड़ना चाहते थे। उन्होंने खुद हर छोटी-बड़ी तैयारी की निगरानी की थी। परिवार के मुताबिक, 42 हजार रुपए में बैंड-बाजा और बारात के लिए दर्जनभर गाड़ियों की बुकिंग की गई थी। दूल्हे की लग्जरी कार को सजाने के लिए भी विशेष इंतजाम किए गए थे। घर में मेहमानों का आना शुरू हो चुका था और मंगल गीत गाए जा रहे थे, लेकिन रविवार की शाम ने सब कुछ राख में बदल दिया।

​दोनों घरों में मचा कोहराम

​सोमवार को जिस रास्ते से बारात गुजरनी थी, वहां से रंजीत की अंतिम यात्रा निकली। उनके बड़े भाई के पुत्र ने उन्हें मुखाग्नि दी। रंजीत के वृद्ध पिता का रो-रोकर बुरा हाल है। उधर, डेराचक गांव में लड़की के घर भी शादी की खुशियां मातम में बदल गई हैं। गांव के लोग स्तब्ध हैं कि कैसे चंद सेकंड के भीतर एक हंसता-खेलता परिवार उजड़ गया।