मुजफ्फरपुर। जिले में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है जहां पटना के एक होटल कारोबारी को हनी ट्रैप में फंसाकर 97 लाख रुपये ऐंठ लिए गए। शातिर अपराधियों ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डीपफेक तकनीक का उपयोग कर कारोबारी की अश्लील फोटो बनाई और उसे वायरल करने की धमकी देकर ब्लैकमेल किया।
कैसे बुना गया साजिश का जाल?
आरोपियों में अहियापुर थाना क्षेत्र के SKMCH गेट के पास रहने वाला अभिषेक कुमार और उसकी प्रेमिका शामिल हैं। अभिषेक अक्सर पीड़ित के होटल में रुकता था। इसी दौरान उन्होंने कारोबारी के फोटो और वीडियो ले लिए। बाद में, AI तकनीक का इस्तेमाल कर उन तस्वीरों को बेहद आपत्तिजनक और अश्लील वीडियो में बदल दिया गया। इसके बाद, सामाजिक प्रतिष्ठा धूमिल होने के डर का फायदा उठाकर आरोपियों ने एक करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी।
चार किस्तों में वसूले 97 लाख
बदनामी के डर से घबराए कारोबारी ने अपराधियों की मांग के आगे घुटने टेक दिए। अपराधियों ने बेहद शातिराना अंदाज में पटना, मुजफ्फरपुर और सीतामढ़ी के अलग-अलग सुनसान इलाकों में पैसे मंगवाए। कारोबारी ने चार अलग-अलग किस्तों में कुल 97 लाख रुपये उन्हें सौंप दिए, लेकिन इसके बाद भी ब्लैकमेलिंग का सिलसिला जारी रहा।
GPS ट्रैकर ने पकड़वाए अपराधी
लगातार होती रंगदारी से परेशान कारोबारी ने सूझबूझ का परिचय दिया। आखिरी किस्त के रूप में दिए जाने वाले 20 लाख रुपये के बैग में उन्होंने एक छोटा सा इलेक्ट्रॉनिक GPS ट्रैकर छुपा दिया। 15 जुलाई को पैसे सौंपने के तुरंत बाद उन्होंने पुलिस को सूचित किया। पुलिस ने ट्रैकर की लोकेशन के आधार पर छापेमारी की और अभिषेक के घर से 20 लाख रुपये बरामद कर लिए। हालांकि मुख्य आरोपी अभिषेक अभी फरार है, जबकि पुलिस ने कुछ संदिग्धों को हिरासत में लिया है।
क्या है डीपफेक तकनीक?
साइबर विशेषज्ञों के अनुसार, डीपफेक वह तकनीक है जिसमें AI और मशीन लर्निंग का उपयोग करके किसी व्यक्ति की फोटो, वीडियो या आवाज को दूसरे के साथ जोड़कर उसे असली जैसा बना दिया जाता है। यह तकनीक आजकल इतनी उन्नत हो गई है कि वॉयस क्लोनिंग के जरिए किसी को भी आसानी से झांसे में लिया जा सकता है। पुलिस ने आम जनता को सचेत किया है कि किसी भी अनजान लिंक या संदिग्ध कॉल पर अपनी निजी जानकारी साझा न करें और ब्लैकमेलिंग का शिकार होने पर तुरंत साइबर सेल को सूचित करें।


