कुमार उत्तम, मुजफ्फरपुर। जिले के जजुआर ओपी क्षेत्र में अपराधियों ने एक बालक का मोटरसाइकिल से अपहरण कर लिया। अपहरण के बाद बदमाशों ने बच्चे के परिजनों को फोन करके लगातार पचास हजार रुपये की फिरौती की मांग शुरू कर दी। परिवार वालों पर लगातार पैसों के लिए दबाव बनाया जा रहा था, जिससे वे दहशत में आ गए।

​पुलिस की साहसिक कार्रवाई

​घटना से सहमे अपहृत बालक के पिता ने तुरंत जजुआर ओपी में लिखित शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत कांड संख्या 208/26 दर्ज कर अनुसंधान शुरू किया। मामले की संवेदनशील प्रकृति को भांपते हुए सीनियर एसपी (SSP) कांतेश मिश्रा ने तत्काल संज्ञान लिया। उनके निर्देश पर एसडीपीओ (SDPO) 1 पूर्वी के नेतृत्व में एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया, जिसे जल्द से जल्द परिणाम लाने का आदेश मिला।

​घने जंगल में चली छापेमारी

​गठित विशेष टीम ने आधुनिक तकनीकी विश्लेषण और मानवीय सूचना तंत्र का बेहतरीन इस्तेमाल किया। पुलिस को पुख्ता जानकारी मिली कि अपराधियों ने बच्चे को जजुआर ओपी क्षेत्र के ही एक घने जंगल में छिपाकर रखा है। बिना वक्त गंवाए पुलिस बल ने उस घने जंगल को चारों तरफ से घेर लिया और सुनियोजित छापेमारी की। पुलिस की इस ताबड़तोड़ कार्रवाई से अपराधियों को संभलने का मौका तक नहीं मिला और अपहृत बालक को सकुशल मुक्त करा लिया गया।

​हथियार और मोटरसाइकिल बरामद

​ग्रामीण एसपी राजेश सिंह प्रभाकर ने प्रेस को जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस की मुस्तैदी के कारण महज दो घंटे के भीतर इस पूरी घटना का पर्दाफाश कर लिया गया। मौके से संजय कुमार और सुनील कुमार नामक दो अपराधियों को धर दबोचा गया।

​तलाशी के दौरान उनके पास से निम्नलिखित सामान बरामद किए गए:

  • ​एक देसी पिस्तौल
  • ​चार जिंदा कारतूस
  • ​एक मोबाइल फोन
  • घटना में प्रयुक्त एक मोटरसाइकिल

प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि गिरफ्तार दोनों अपराधी जजुआर थाना क्षेत्र के ही रहने वाले हैं और इनका एक लंबा आपराधिक इतिहास रहा है। फिलहाल, पुलिस दोनों से गहन पूछताछ कर रही है ताकि उनके अन्य सहयोगियों और पुराने मामलों के बारे में भी जानकारी जुटाई जा सके। इस सफल उद्भेदन से स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली है और पुलिस प्रशासन की पीठ थपथपा रहे हैं।