कुमार उत्तम, मुजफ्फरपुर। जिले में कुख्यात लॉरेंस बिश्नोई गैंग का खौफ तेजी से बढ़ता जा रहा है। पिछले महज चार दिनों के भीतर इस गैंग ने जिले के तीन प्रतिष्ठित लोगों एक राजनेता, एक जनप्रतिनिधि और एक सरकारी अधिकारी को निशाना बनाकर भारी-भरकम रंगदारी की मांग की है। रंगदारी की रकम न देने पर सभी को जान से मारने, अपहरण करने और परिवार को खत्म करने की धमकी दी गई है, जिससे पूरे इलाके में दहशत का माहौल है।

1. साहेबगंज के जिला परिषद सदस्य से 1 करोड़ की रंगदारी
ताजा मामला मुजफ्फरपुर जिले के साहेबगंज का है। यहां के जिला परिषद सदस्य और स्कूल संचालक इंजीनियर राजेश कुमार सहनी से लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम पर 1 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी गई है।
बदमाशों ने धमकी दी है कि यदि तय समय पर पैसे नहीं दिए गए, तो उनका अपहरण कर हत्या कर दी जाएगी और पूरे परिवार को खत्म कर दिया जाएगा। इस सनसनीखेज मामले में पीड़ित इंजीनियर राजेश कुमार सहनी ने साहेबगंज थाने में आधिकारिक शिकायत दर्ज करवा दी है। साहेबगंज थाना प्रभारी ने पुष्टि करते हुए बताया कि मामला दर्ज कर लिया गया है और पुलिस तकनीकी अनुसंधान के जरिए आरोपियों की सुराख लगाने में जुटी है।

2. जदयू के पूर्व जिला अध्यक्ष रंजीत सहनी को दोबारा धमकी
इससे पहले, 21 जुलाई को भारतीय जनता पार्टी के नेता और जनता दल यूनाइटेड (JDU) के पूर्व जिला अध्यक्ष रंजीत सहनी से इसी गैंग द्वारा 50 लाख रुपये की रंगदारी मांगी गई थी।
मामला यहीं नहीं थमा; 24 जुलाई को रंजीत सहनी को दोबारा धमकी भरा संदेश मिला, जिसमें बदमाशों ने चेतावनी दी कि जिस स्टाफ के बूते तुम उड़ रहे हो, उसे भी खत्म कर दिया जाएगा। इस गंभीर सुरक्षा खतरे की जानकारी पीड़ित नेता ने बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को भी दे दी है।

3. सरकारी अधिकारी भी निशाने पर: दरभंगा के बीडीओ से 50 लाख मांगे
लॉरेंस बिश्नोई गैंग का दायरा केवल व्यापारियों और राजनीतिक हस्तियों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि अब सरकारी अधिकारी भी इसके निशाने पर आ गए हैं।
चर्चित मामले के अनुसार, डॉ. आनंद कुमार विभूति (जो वर्तमान में दरभंगा जिले के बहादुरपुर प्रखंड के बीडीओ हैं और पहले कांटी में बीडीओ रह चुके हैं तथा मुजफ्फरपुर के बेरिया स्थित आदर्श ग्राम में रहते हैं) से भी लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम पर 50 लाख रुपये की रंगदारी मांगी गई है। इस गंभीर मामले की जानकारी डॉ. आनंद कुमार विभूति ने दरभंगा के पुलिस अधीक्षक (SP) को लिखित रूप से दे दी है। मुजफ्फरपुर और आसपास के जिलों में इन लगातार घटनाओं के बाद से प्रशासनिक अमले में भी हड़कंप मचा हुआ है।


