मुजफ्फरपुर। जिले के सरैया थाना क्षेत्र से मशरूम प्लांट लगाने के नाम पर 21 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी आशुतोष मंगलम को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पर जीविका दीदियों और ग्रामीण महिलाओं को कर्ज में फंसाने का भी गंभीर आरोप है।

​ठगी और फर्जीवाड़े की पूरी कहानी

​रेवा निवासी प्रीति कुमारी ने सरैया थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। उनके अनुसार, आरोपी आशुतोष मंगलम और शिवानी कुमारी उनके घर आए थे और मशरूम प्लांट लगाने का आकर्षक प्रस्ताव दिया था। इस झांसे में आकर प्रीति ने सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया से लोन लेकर 17 दिसंबर 2024 को 17.15 लाख रुपये कंपनी के खाते में ट्रांसफर किए। इसके अलावा एसबीआई खाते से 3.85 लाख रुपये और नकद राशि भी दी गई।
​रकम मिलने के बाद भी आरोपियों ने प्लांट का निर्माण कार्य शुरू नहीं किया। जब पैसे वापस मांगे गए, तो आरोपियों ने 19 लाख रुपये के चार चेक थमा दिए। 5 दिसंबर 2025 को बैंक में जमा करने पर ये सभी चेक पर्याप्त राशि न होने के कारण बाउंस हो गए। वकालतन नोटिस भेजने के बाद भी भुगतान न होने पर पीड़िता ने पुलिस का दरवाजा खटखटाया।

​जीविका दीदियों को कर्जदार बनाने का गंभीर आरोप

​गिरफ्तार आरोपी आशुतोष मंगलम की कंपनी ‘यक्ष ग्रेविटी एग्रो एंड एनर्जी एजेंसी’ पर पहले से ही जीविका दीदियों के नाम पर करोड़ों रुपये का कर्ज लेने के गंभीर आरोप हैं। आरोप है कि करीब 110 महिलाओं के नाम पर प्रति महिला 3.30 लाख रुपये का लोन लिया गया, जो कुल मिलाकर लगभग 3.63 करोड़ रुपये बनता है। क्लस्टर का लाभ न मिलने के कारण अब ब्याज सहित यह कर्ज बढ़कर 5.5 लाख रुपये तक पहुंच गया है। फिलहाल इस मामले की सुनवाई एसडीओ पूर्वी के न्यायालय में चल रही है।

​पुलिस की कार्रवाई

​पुलिस ने बैंक ट्रांजेक्शन के पुख्ता साक्ष्य मिलने के बाद दामूचक निवासी आशुतोष मंगलम को गिरफ्तार कर लिया है। सरैया थानेदार देवेंद्र कुमार ने बताया कि आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेजा जा रहा है। साथ ही, इस मामले में नामजद अन्य आरोपी शिवानी कुमारी और उमेश चौधरी की भूमिका की भी बारीकी से जांच की जा रही है।