कुमार उत्तम, मुजफ्फरपुर। जिले के कांटी थाना क्षेत्र स्थित कोठिया गांव में एनटीपीसी के प्रतिबंधित परिसर से एक श्रमिक युवक का शव मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। बुधवार को हुई इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश और शोक का माहौल है। पुलिस मौके पर पहुंचकर मामले की छानबीन में जुट गई है।

​झाड़ियों के बीच मिला शव, ट्रैक्टर पर मजदूरी करता था मृतक

​मिली जानकारी के अनुसार, कांटी कोठिया गांव स्थित एनटीपीसी के प्रतिबंधित क्षेत्र ‘एस डाईक लैगून एक’ की झाड़ियों के बीच एक युवक का शव देखा गया। मृतक की पहचान नगर परिषद कांटी क्षेत्र के कोठिया गांव निवासी शंभू सहनी के रूप में हुई है। परिजनों ने बताया कि शंभू ट्रैक्टर पर छाई (एश) ढुलाई का मजदूरी का काम करता था। सुबह जब ग्रामीणों ने प्रतिबंधित क्षेत्र की झाड़ियों में शव देखा, तो तुरंत इसकी सूचना स्थानीय कांटी थाना पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही घटनास्थल पर भारी संख्या में स्थानीय ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई।

​एनटीपीसी प्रबंधन का आया आधिकारिक बयान

​इस संवेदनशील मामले पर एनटीपीसी कांटी के अधिकारियों का भी पक्ष सामने आया है। एनटीपीसी कांटी के एजीएम (एस यूटिलाइजेशन) आनंद कुमार झा ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि इस घटना से एनटीपीसी प्रबंधन या परियोजना का दूर-दूर तक कोई वास्ता नहीं है। प्रबंधन ने आंतरिक सुरक्षा और प्रतिबंधित क्षेत्र से जुड़े पहलुओं पर स्थानीय प्रशासन को पूर्ण सहयोग देने की बात कही है।

​पुलिस जांच और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल

​घटना की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में भी हड़कंप मच गया। स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंचकर परिजनों और ग्रामीणों से लगातार पूछताछ कर रही है ताकि मौत के असली कारणों का पता लगाया जा सके। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने और विस्तृत जांच पूरी होने के बाद ही मौत के सही कारणों का खुलासा हो सकेगा।
​दूसरी ओर, इस अचानक हुई ट्रेजिक घटना के बाद मृतक के घर में कोहराम मच गया है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और वे न्याय की गुहार लगा रहे हैं। पुलिस इस बात की भी गहराई से जांच कर रही है कि प्रतिबंधित और सुरक्षा घेरे वाले एनटीपीसी परिसर के अंदर श्रमिक कैसे पहुंचा और उसकी मौत किन परिस्थितियों में हुई।