मुजफ्फरपुर। जिले में वाहन चोरी की वारदातों को अंजाम देने वाले एक शातिर अंतरजिला वाहन चोर गिरोह का पुलिस ने खुलासा किया है। सदर थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए इस गिरोह के एक सक्रिय सदस्य को वैशाली जिले से गिरफ्तार कर लिया है। गिरोह के सदस्य बेहद शातिर तरीके से वारदात को अंजाम देते थे। वे पहले किसी इलाके में किराए का कमरा लेते थे, फिर आसपास के क्षेत्रों की रेकी कर मास्टर चाबी और अन्य आधुनिक उपकरणों की मदद से स्कॉर्पियो गाड़ियां चुरा लेते थे। पुलिस ने इस मामले में दो चोरी की कारें भी बरामद की हैं, जिनके अंदर से कई फर्जी नंबर प्लेट, गैस कटर मशीन, रिंच और चोरी में इस्तेमाल होने वाले अन्य उपकरण मिले हैं। पुलिस अब इस गिरोह के अन्य फरार सदस्यों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है।
दो चोरी की कारों के साथ पुलिस तक पहुंची सुरागकड़ी
पुलिस के अनुसार सदर थाना क्षेत्र में गत 3 अगस्त को वाहन चोरी से जुड़ा एक मामला दर्ज किया गया था। जांच-पड़ताल के दौरान पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि अंजना कुमार शुक्ला उर्फ मुन्ना स्कॉर्पियो, मोहम्मद अनवर और राजू कुमार राय नामक तीन संदिग्ध लोग चोरी की दो गाड़ियों के साथ फोरलेन के पास मौजूद हैं। इस सूचना पर कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने मौके पर छापेमारी की। हालांकि पुलिस को नजदीक आते देख तीनों आरोपी वहां से फरार होने में कामयाब हो गए लेकिन पुलिस ने मौके पर लावारिस हालत में खड़ी एक हुंडई आई-20 और एक स्विफ्ट डिजायर कार को अपने कब्जे में ले लिया। जब इन दोनों गाड़ियों की गहन जांच की गई तो दोनों ही वाहन चोरी के निकले।
गाड़ियों के अंदर मिले नंबर प्लेट और गैस कटर
जब्त किए गए दोनों वाहनों की तलाशी लेने पर पुलिस को उनके अंदर से दो अन्य फर्जी नंबर प्लेट, एक गैस कटर मशीन, रिंच और वाहन चोरी में काम आने वाले कई अन्य औजार व उपकरण बरामद हुए। पुलिस को अंदेशा है कि इन तमाम उपकरणों का इस्तेमाल सुनियोजित तरीके से गाड़ियों के लॉक तोड़ने और चोरी की वारदातों को अंजाम देने के लिए किया जाता था। पुलिस ने इन सभी संदिग्ध सामानों को विधिवत रूप से जब्त कर लिया। इस सिलसिले में सदर थाना कांड संख्या 741/26 दर्ज कर पुलिस ने आगे की कानूनी कार्रवाई और अनुसंधान शुरू कर दिया था।
वैशाली से राजू की गिरफ्तारी से खुला राज
मामले की तह तक जाने के लिए पुलिस ने अपनी जांच का दायरा बढ़ाया और 6 अगस्त की दोपहर वैशाली थाना क्षेत्र के चक्र रसूल नंदलालपुर से आरोपी राजू कुमार राय को धर दबोचा। पुलिस पूछताछ के दौरान राजू ने मुजफ्फरपुर में पिछले कुछ महीनों के भीतर हुई चार-पांच स्कॉर्पियो चोरी की घटनाओं में इस पूरे गिरोह की संलिप्तता का कच्चा चिट्ठा खोल दिया। पुलिस की पूछताछ में यह भी सामने आया कि इस अंतरजिला गिरोह का मुख्य मास्टरमाइंड अंजना कुमार शुक्ला उर्फ मुन्ना स्कॉर्पियो है। वह मूल रूप से लालगंज का रहने वाला है और कुछ समय से सदर थाना क्षेत्र के बीबीगंज इलाके में किराए का मकान लेकर रह रहा था। इसी किराए के ठिकाने से गिरोह के तमाम सदस्य वाहनों की आवाजाही और इलाकों की रेकी किया करते थे।
आरा में दो से तीन लाख रुपये में खपाते थे गाड़ियां
पुलिस की तफ्तीश में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है कि गिरोह के सदस्य वाहन चोरी के लिए मास्टर चाबी और आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल करते थे। सबसे पहले वाहन की सुनियोजित तरीके से रेकी की जाती थी और मौका मिलते ही वाहन को आसानी से खोलकर चुरा लिया जाता था। चोरी की इन गाड़ियों को तुरंत मुजफ्फरपुर जिले से सुरक्षित बाहर निकाल लिया जाता था। पूछताछ के खुलासे के मुताबिक, गिरोह के शातिर सदस्य चोरी की गई स्कॉर्पियो गाड़ियों को बिहार के ही आरा जिले में ले जाकर करीब दो से तीन लाख रुपये की कम कीमत में बेच देते थे। इस तरह यह गिरोह मुजफ्फरपुर से गाड़ियां चुराकर दूसरे जिलों में आसानी से ठिकाने लगा देता था।
मास्टरमाइंड समेत अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी
एसडीपीओ टाउन-2 विनीता सिन्हा ने मीडिया को जानकारी दी कि इस गिरोह में कुल तीन सक्रिय सदस्यों के शामिल होने की पुख्ता जानकारी मिली है। इनमें से एक आरोपी राजू कुमार राय को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है, जबकि गिरोह का सरगना अंजना कुमार शुक्ला उर्फ मुन्ना स्कॉर्पियो और उसका सहयोगी मोहम्मद अनवर अभी भी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। दोनों फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं। उन्होंने बताया कि गिरफ्तार राजू कुमार राय को सदर थाना कांड संख्या 741/26 के तहत विधिवत न्यायिक हिरासत में भेजा जा रहा है। इसके साथ ही बरामद दोनों कारों उनके अंदर से मिले नंबर प्लेटों तथा अन्य उपकरणों की फारेंसिक और तकनीकी जांच की जा रही है ताकि इस अवैध नेटवर्क से जुड़े अन्य खरीदारों और मददगारों तक भी पहुंचा जा सके।


