चंडीगढ़ मीडिया वेलबीइंग एसोसिएशन (एमडब्ल्यूबीए) का एक प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू से मिला। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री के नाम एक विस्तृत मांग पत्र सौंपते हुए राज्य के पत्रकारों को हरियाणा की तर्ज पर पेंशन, स्वास्थ्य सुविधाएं, दुर्घटना बीमा तथा अन्य कल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्रदान किए जाने की मांग की।


प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व मीडिया वेलबीइंग एसोसिएशन के उत्तर भारत के अध्यक्ष चंद्रशेखर धरणी ने किया। उनके साथ संगठन के महासचिव सुरेंद्र मेहता, कोषाध्यक्ष तरुण कपूर, हिमाचल प्रभारी संजय भूटानी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष पवन चोपड़ा तथा संगठन सचिव मेवा सिंह राणा भी मौजूद रहे।साथ में हिमाचल एम डब्ल्यू बी के अध्यक्ष विशाल सूद भी मौजूद रहे।सी एम सुक्खू से एम डबल्यू बी के प्रतिनिधि मंडल को प्रधान मीडिया एडवाइजर नरेश चौहान ने मिलवाया।
प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री के समक्ष पत्रकारों की समस्याओं और उनकी सामाजिक सुरक्षा से जुड़े विभिन्न मुद्दों को प्रमुखता से उठाया।


मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के रूप में कार्य करने वाले पत्रकार समाज और सरकार के बीच महत्वपूर्ण कड़ी की भूमिका निभाते हैं। विषम परिस्थितियों में भी पत्रकार जनता तक सही और सटीक जानकारी पहुंचाने का कार्य करते हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें पर्याप्त सामाजिक सुरक्षा और कल्याणकारी सुविधाएं नहीं मिल पातीं। ऐसे में पत्रकारों के लिए विशेष कल्याणकारी योजनाएं समय की आवश्यकता हैं।


प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि हरियाणा प्रदेश में पत्रकारों के लिए कई प्रकार की कल्याणकारी योजनाएं संचालित हैं, जिनमें पेंशन, चिकित्सा सहायता तथा अन्य सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी सुविधाएं शामिल हैं। हिमाचल प्रदेश के पत्रकार भी लंबे समय से ऐसी ही सुविधाओं की अपेक्षा कर रहे हैं। संगठन ने मांग की कि प्रदेश सरकार पत्रकारों के हितों को ध्यान में रखते हुए एक व्यापक पत्रकार कल्याण नीति तैयार करे, जिससे राज्य के मीडिया कर्मियों को आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा प्रदान की जा सके।

पत्रकारों के कौशल विकास के लिए एआई प्रशिक्षण शिविर का प्रस्ताव

मीडिया वेलबीइंग एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री को सौंपे गए पत्र में पत्रकारों के कौशल विकास के लिए एक महत्वाकांक्षी योजना का भी उल्लेख किया। संगठन ने बताया कि हिमाचल प्रदेश इकाई राज्य के पत्रकारों और मीडिया कर्मियों के लिए मनाली में तीन दिवसीय आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) प्रशिक्षण शिविर आयोजित करना चाहती है। संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि वर्तमान समय में मीडिया जगत तेजी से तकनीकी बदलावों के दौर से गुजर रहा है। कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) पत्रकारिता के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। समाचार संकलन, डेटा विश्लेषण, तथ्य जांच, कंटेंट निर्माण तथा डिजिटल मीडिया प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में एआई का उपयोग लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में पत्रकारों को आधुनिक तकनीकों से परिचित कराना आवश्यक हो गया है।

प्रस्तावित प्रशिक्षण शिविर में पत्रकारों और मीडिया कर्मियों को एआई के प्रभावी, जिम्मेदार और नैतिक उपयोग से संबंधित प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके माध्यम से उन्हें बदलते मीडिया परिवेश के अनुरूप स्वयं को तैयार करने का अवसर मिलेगा। संगठन का मानना है कि तकनीकी रूप से दक्ष पत्रकार अधिक गुणवत्ता और विश्वसनीयता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन कर सकेंगे।

प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया कि वे इस प्रशिक्षण शिविर के आयोजन के लिए अपनी सुविधानुसार समय और तिथि निर्धारित करें तथा कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग प्रदान करें। साथ ही मुख्यमंत्री को कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित भी किया गया।उन्होंने अपनी स्वीकृति दे दी है।समय जल्दी सुनिश्चित कर संस्था को अवगत करवाया जाएगा।

हिमाचल में पत्रकारों को 10 लाख रुपये का निःशुल्क दुर्घटना बीमा देने की योजना शुरू

मीडिया वेलबीइंग एसोसिएशन ने पत्रकारों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एक महत्वपूर्ण पहल की भी घोषणा की है। संगठन ने मुख्यमंत्री को बताया कि प्रस्तावित एआई प्रशिक्षण शिविर के दौरान हिमाचल प्रदेश के पत्रकारों और मीडिया कर्मियों को 10 लाख रुपये तक की निःशुल्क व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा पॉलिसी उपलब्ध कराने की योजना शिमला से शुरू कर दी है।

संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि पत्रकार अक्सर जोखिमपूर्ण परिस्थितियों में कार्य करते हैं। प्राकृतिक आपदाओं, सड़क दुर्घटनाओं, सामाजिक तनाव और अन्य संवेदनशील परिस्थितियों में समाचार संकलन के दौरान उन्हें कई प्रकार के खतरों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में दुर्घटना बीमा जैसी सुविधा उनके और उनके परिवारों के लिए सुरक्षा कवच का कार्य करेगी। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि यह पहल केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि पत्रकारों के सम्मान और सुरक्षा के प्रति संगठन की प्रतिबद्धता का भी प्रतीक है। यदि यह योजना सफल होती है तो प्रदेश के हजारों पत्रकारों और मीडिया कर्मियों को इसका प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।


संगठन के अनुसार पत्रकारों के कल्याण के लिए भविष्य में स्वास्थ्य सहायता, प्रशिक्षण कार्यक्रम, सामाजिक सुरक्षा योजनाएं तथा अन्य कल्याणकारी गतिविधियां भी संचालित की जाएंगी। इसके लिए सरकार और मीडिया संगठनों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर भी जोर दिया गया।

सकारात्मक रहा हिमाचल सरकार का रुख

मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद अध्यक्ष चंद्रशेखर धरणी ने बताया कि हिमाचल सरकार का रुख सकारात्मक रहा। मुख्यमंत्री के प्रधान मीडिया सलाहकार नरेश चौहान ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि पत्रकारों के हितों से जुड़े मुद्दों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू स्वयं मीडिया की भूमिका को भली-भांति समझते हैं और पत्रकारों के कल्याण से जुड़े विषयों पर संवेदनशील हैं। नरेश चौहान ने प्रतिनिधिमंडल को भरोसा दिलाया कि पत्रकारों के हित में प्रस्तुत मांगों का अध्ययन कर उन्हें व्यवहारिक रूप देने की दिशा में प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि पत्रकारों की सामाजिक सुरक्षा और उनके पेशेवर विकास से जुड़े मुद्दों पर सरकार सकारात्मक सोच रखती है।

इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने उम्मीद जताई कि हिमाचल प्रदेश सरकार जल्द ही पत्रकारों के लिए ऐसी योजनाओं को लागू करेगी, जिससे उन्हें हरियाणा की तर्ज पर पेंशन, स्वास्थ्य लाभ और अन्य सुविधाएं मिल सकेंगी। संगठन ने कहा कि यदि सरकार और मीडिया संस्थाएं मिलकर कार्य करें तो पत्रकारों के लिए एक मजबूत और सुरक्षित कार्य वातावरण तैयार किया जा सकता है।

मीडिया वेलबीइंग एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर धरणी ने कहा कि संगठन का उद्देश्य केवल पत्रकारों की समस्याओं को उठाना ही नहीं, बल्कि उनके कौशल विकास, सामाजिक सुरक्षा और पेशेवर उन्नति के लिए ठोस प्रयास करना भी है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि मुख्यमंत्री और राज्य सरकार का सहयोग मिलने से हिमाचल प्रदेश के पत्रकारों के लिए कई नई संभावनाओं के द्वार खुलेंगे। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री तथा उनके मुख्य मीडिया सलाहकार नरेश चौहान का समय देने और पत्रकार हितों से जुड़े विषयों पर सकारात्मक चर्चा करने के लिए आभार व्यक्त किया। साथ ही उम्मीद जताई कि निकट भविष्य में पत्रकार कल्याण से संबंधित महत्वपूर्ण निर्णय सामने आएंगे, जिससे प्रदेश के मीडिया कर्मियों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।