अमेरिकी रिपब्लिकन सीनेटर स्टीव डेंस ने कहा कि वह चीन जाते समय अपना फोन वॉशिंगटन में छोड़ देते हैं. स्टीव डेन्स ने मंगलवार (1 जुलाई 2026) को चीन और भारत की अपनी यात्राओं के अनुभव साझा करते हुए दोनों देशों के प्रति अमेरिका के भरोसे का अंतर साफ साफ बताया. वॉशिंगटन में आयोजित यूएस-इंडिया स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप फॉरम लीडरशिप समिट में  डेन्स ने ये सब बातें कही.

अमेरिकी सीनेटर स्टीव डेन्स ने कहा कि मैं चीन यात्रा के दौरान सुरक्षा कारणों से अपने साथ फोन नहीं ले जाता. लेकिन भारत में कहीं भी जाते है तो अपने फोन को साथ लेकर ही जाते है.

अमेरिकी सीनेटर स्टीव डेन्स ने मंगलवार को चीन और भारत की अपनी यात्राओं के तरीकों में अंतर बताया.  सीनेटर स्टीव कहा कि भारत-अमेरिका मिलकर चीन की तकनीकी और नवाचार क्षमता को प्रभावी चुनौती दे सकते हैं. अमेरिका के मोंटाना से रिपब्लिकन सीनेटर स्टीव डेन्स ने भारत की जमकर तारीफ की है. उन्होंने कहा कि भारत पर आंख मूंदकर भरोसा किया जा सकता है, लेकिन चीन पर कभी नहीं.

स्टीव डेंस ने अपना उदाहरण देते हुए कहा, “जब मैं चीन की यात्रा करता हूं, तो मेरा फोन मेरे साथ बीजिंग नहीं जाता है. लेकिन जब मैं भारत जाता हूं, तो यह फोन मेरे साथ ही रहता है.

सीनेटर स्टीव डेन्स ने कहा कि अमेरिका चीन से पूरी तरह अलग नहीं हो सकता. इसके बजाय, उसे भरोसेमंद देशों के साथ संबंध मजबूत करते हुए रणनीतिक जोखिमों को कम करने पर ध्यान देना चाहिए.

स्टीव डेन्स मोंटाना से राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी के सीनेटर हैं.  उन्होंने भारत को भरोसेमंद सहयोगी और दोस्त बताया है. सीनेटर ने आगे कहा कि चीन के मामले में वॉशिंगटन को इस बारे में साफ तौर पर सोचना चाहिए कि उसे कैसी साझेदारियां बनानी चाहिए.

डेन्स ने कहा कि अमेरिका के साथ काम करने के मामले में भारत ही एकमात्र ऐसा देश है, जो चीन के बराबर स्तर पर मुकाबला कर सकता है. उन्होंने कहा, अमेरिका और भारत के बीच जो रिश्ते हैं, वे न सिर्फ हमारे दोनों देशों के लिए अहम हैं, बल्कि मुझे लगता है कि वे दुनिया के लिए भी अहम हैं.

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