वीरेंद्र कुमार, नालंदा। जिले के सरमेरा प्रखंड अंतर्गत टाल क्षेत्र में संभावित बाढ़ के खतरे को भांपते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। सरमेरा प्रखंड मुख्यालय में एक उच्चस्तरीय समीक्षात्मक बैठक और जनसंवाद कार्यक्रम संपन्न होने के बाद, जिलाधिकारी उदिता सिंह ने प्रशासनिक और तकनीकी अधिकारियों के साथ सीधे टाल क्षेत्र का रुख किया। डीएम ने मैदानी दौरे के दौरान मुख्य रूप से पेंदी जमींदारी बांध, इसुआ जमींदारी बांध और सगहा जमींदारी बांध का स्थलीय जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने तटबंधों की मजबूती, जलस्तर के उतार-चढ़ाव और सुरक्षा व्यवस्था की बारीकी से समीक्षा की।
संवेदनशील इलाकों का निरीक्षण और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
स्थलीय निरीक्षण के दौरान प्रशासन की सतर्कता साफ तौर पर नजर आई। मौके पर स्टेट डिजास्टर रिस्पांस फोर्स (SDRF) की टीम के साथ-साथ हाई-स्पीड बोट भी पूरी तरह मुस्तैद पाई गई। भौगोलिक स्थिति के कारण टाल क्षेत्र में गंगा नदी के बैकवाटर का प्रभाव तेजी से देखने को मिलता है, जिससे निचले इलाकों में पानी फैलने की आशंका हमेशा बनी रहती है। खासकर पेंदी, इसुआ और सगहा गांव इसके मुख्य प्रभाव क्षेत्र में आते हैं। संभावित खतरे को देखते हुए जिलाधिकारी ने मौके पर मौजूद सभी संबंधित अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी संवेदनशील बिंदुओं पर चौबीस घंटे कड़ी निगरानी रखी जाए। इसके अलावा, किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त मात्रा में बालू की बोरियां (सैंडबैग) तैयार रखने और कटाव रोधी सामग्रियों का पर्याप्त स्टॉक सुनिश्चित करने को कहा गया है। प्रशासन की ओर से फिलहाल स्थिति पूरी तरह सामान्य और नियंत्रण में बताई गई है, लेकिन किसी भी प्रकार की कोताही न बरतने की हिदायत दी गई है।
ग्रामीणों की मांग पर पुल और सड़क निर्माण का आश्वासन
निरीक्षण के दौरान स्थानीय ग्रामीणों ने डीएम के समक्ष अपनी समस्याएं खुलकर रखीं। ग्रामीणों ने आवागमन में हो रही भारी परेशानियों का हवाला देते हुए क्षेत्र में नए पुल और पक्की सड़क के निर्माण की पुरजोर मांग की। जनता की इस बुनियादी और बेहद जरूरी समस्या को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने मौके पर मौजूद संबंधित कार्यपालक अभियंता को अविलंब विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करने का निर्देश दिया। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जनहित से जुड़े इस महत्वपूर्ण कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी ताकि भविष्य में लोगों को आवागमन की समस्या से निजात मिल सके। इस दौरे और प्रशासनिक सक्रियता से यह साफ हो गया है कि जिला प्रशासन किसी भी प्राकृतिक आपदा से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है।



