वीरेंद्र कुमार/नालंदा। ज्ञान, संस्कृति और ऐतिहासिक गौरव की पावन भूमि नालंदा एक बार फिर वैश्विक स्तर पर अपनी अमिट छाप छोड़ने के लिए तैयार है। अंतरराष्ट्रीय पहचान बना चुका नालंदा विश्वविद्यालय कल यानी 19 मई को अपना तृतीय दीक्षांत समारोह आयोजित करने जा रहा है। यह भव्य और ऐतिहासिक आयोजन विश्वविद्यालय के नवनिर्मित अत्याधुनिक सभागार ‘विश्वमित्रालय’ में संपन्न होगा, जिसकी कुल क्षमता दो हजार सीटों की है। इस गरिमामयी समारोह में देश और दुनिया के मेधावी छात्र-छात्राओं को उनकी शैक्षणिक योग्यताओं के लिए डिग्रियां प्रदान की जाएंगी। इस खास मौके पर प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव डॉ. पी. के. मिश्रा मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करेंगे। उनके अलावा बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन (सेवानिवृत्त) और भारत सरकार के विदेश मंत्रालय के सचिव (ईस्ट) रुद्रेंद्र टंडन भी विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहेंगे।

​परीक्षा के महज 9 दिनों के भीतर दीक्षांत समारोह

​इस बार नालंदा विश्वविद्यालय प्रबंधन ने कार्यकुशलता और समयबद्धता की एक ऐसी मिसाल पेश की है, जो शिक्षा जगत के लिए प्रेरणादायक है। विश्वविद्यालय ने परीक्षाओं के संपन्न होने के मात्र 9 दिनों के भीतर ही दीक्षांत समारोह का आयोजन कर दिया है। प्रबंधन का मानना है कि इस त्वरित प्रक्रिया से छात्रों का कीमती समय बचेगा और वे बिना किसी देरी के अपने करियर या उच्च शिक्षा की दिशा में आगे बढ़ सकेंगे।

​14 देशों के 219 छात्रों को मिलेगी उपाधि: बढ़ता वैश्विक प्रभाव

​इस तृतीय दीक्षांत समारोह में सत्र 2024-26 बैच के कुल 219 छात्र-छात्राओं को उपाधियां और डिग्रियां सौंपी जाएंगी। नालंदा की वैश्विक स्वीकार्यता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इन छात्रों में भारत के अलावा वियतनाम, बांग्लादेश, भूटान, और म्यांमार सहित दुनिया के 14 अलग-अलग देशों के होनहार शामिल हैं। यह विविधता विश्वविद्यालय के बहुसांस्कृतिक परिवेश और बढ़ते अंतरराष्ट्रीय प्रभाव को साफ दर्शाती है।

​बेटियों का दबदबा: 8 में से 7 गोल्ड मेडल छात्राओं के नाम

​इस वर्ष का दीक्षांत समारोह महिला सशक्तिकरण की एक अद्भुत मिसाल बनने जा रहा है। शैक्षणिक उत्कृष्टता के लिए दिए जाने वाले कुल 8 गोल्ड मेडल में से 7 गोल्ड मेडल छात्राओं ने अपनी कड़ी मेहनत के दम पर हासिल किए हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन ने इसे देश और दुनिया में बेटियों की बढ़ती भागीदारी और शिक्षा के क्षेत्र में उनके शानदार नेतृत्व का एक बड़ा और प्रेरणादायक संकेत माना है।

​’कौटिल्य सेंटर फॉर कैपेसिटी बिल्डिंग’ का होगा उद्घाटन

​समारोह के मुख्य चरण की समाप्ति के बाद, मुख्य अतिथि डॉ. पी. के. मिश्रा विश्वविद्यालय परिसर में नवनिर्मित ‘कौटिल्य सेंटर फॉर कैपेसिटी बिल्डिंग’ का आधिकारिक उद्घाटन करेंगे। इस नए केंद्र की स्थापना से विश्वविद्यालय की शोध (रिसर्च), प्रशिक्षण और शैक्षणिक क्षमताओं को एक नई मजबूती मिलेगी, जो आने वाले समय में वैश्विक स्तर पर अनुसंधान के नए रास्ते खोलेगी। प्राचीन नालंदा की समृद्ध विरासत को आधुनिक वैश्विक दृष्टिकोण के साथ जोड़ता यह विश्वविद्यालय आज पूरी दुनिया के लिए ज्ञान का एक नया प्रकाश स्तंभ बन चुका है।