वीरेंद्र कुमार, नालंदा। जिले की विश्व प्रसिद्ध बावन बूटी साड़ी को भौगोलिक संकेतक (GI Tag) मिलने के बाद बुनकरों में खुशी की लहर दौड़ गई है। इस ऐतिहासिक उपलब्धि के बाद बिहार सरकार के ग्रामीण विकास एवं सूचना-जनसंपर्क मंत्री श्रवण कुमार बिहारशरीफ के बसवन बिगहा पहुंचे और बुनकरों से मुलाकात कर उन्हें बधाई दी।

दुनिया में अपनी पहचान के साथ बिकेगी बावन बूटी साड़ी

मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि, जीआई टैग नालंदा की पहचान और बुनकरों की वर्षों की मेहनत का सम्मान है। अब बावन बूटी साड़ी देश ही नहीं बल्कि दुनिया भर में अपनी अलग पहचान के साथ बिकेगी। उन्होंने कहा कि जीविका समूहों और सरकारी कार्यक्रमों में अंगवस्त्र के रूप में बावन बूटी का उपयोग कर इसका व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा। ग्राम श्री मेलों में विशेष स्टॉल लगाकर इस कला को राष्ट्रीय स्तर पर पहुंचाया जाएगा।

उन्होंने कहा कि जीआई टैग मिलने से नकली उत्पादों पर रोक लगेगी और बुनकरों को उनके उत्पाद का उचित मूल्य मिलेगा। राज्य सरकार मार्केटिंग, डिजाइन विकास, प्रशिक्षण तथा ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म से जोड़कर बुनकरों की आय बढ़ाने का काम करेगी।

लोगों में हर्ष का माहौल

सांसद कौशलेंद्र कुमार ने कहा कि, बसवन बिगहा और नेपुरा के बुनकर बिहार का गौरव हैं। सरकार हर संभव सहायता देकर उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत करेगी। वहीं लाखों देवी ने कहा कि पद्मश्री स्वर्गीय कपिल देव कामत के अथक प्रयासों का ही परिणाम है कि आज बावन बूटी कला को राष्ट्रीय पहचान मिली है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में बुनकर, महिला स्वयं सहायता समूह की सदस्याएं तथा स्थानीय जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। बावन बूटी साड़ी को जीआई टैग मिलने से स्थानीय जनप्रतिनिधियों समेत जिले के लोगों में हर्ष का माहौल है।

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