० जीएसटी लिटिगेशन से लेकर न्यू इनकम टैक्स-2025 तक हुई विस्तृत चर्चा, देशभर के विशेषज्ञों ने साझा किए अनुभव
राकेश कथूरिया ,कैथल। टैक्स प्रैक्टिशनर्स एसोसिएशन, कैथल द्वारा जीएसटी एवं नए आयकर कानून पर राष्ट्रीय स्तर का ज्ञानवर्धक सेमिनार आयोजित किया गया। कार्यक्रम में चार्टर्ड अकाउंटेंट्स, अधिवक्ताओं और टैक्स प्रैक्टिशनर्स ने बड़ी संख्या में भाग लिया। सेमिनार का उद्देश्य टैक्स प्रोफेशनल्स को नवीनतम कानूनी प्रावधानों, न्यायिक निर्णयों और व्यावहारिक प्रक्रियाओं से अपडेट करना रहा।
GST लिटिगेशन की पूरी प्रक्रिया पर हुआ मंथन
सेमिनार के पहले तकनीकी सत्र में पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता पवन के. पाहवा ने “The GST Litigation Road Map – From SCN to High Court” विषय पर विस्तृत व्याख्यान दिया। उन्होंने जीएसटी में शो कॉज नोटिस (SCN) से लेकर अपील और उच्च न्यायालय तक की पूरी कानूनी प्रक्रिया, विभागीय कार्रवाई, प्रभावी ड्राफ्टिंग और नवीनतम न्यायिक फैसलों पर विस्तार से जानकारी दी।
नए आयकर कानून 2025 की प्रमुख बातें समझाईं
दूसरे तकनीकी सत्र में प्रसिद्ध कर विशेषज्ञ जितेन्द्र भटनागर ने “New Income Tax 2025” विषय पर संबोधित करते हुए नए आयकर कानून के प्रमुख प्रावधानों, करदाताओं और टैक्स प्रोफेशनल्स पर उसके प्रभाव तथा व्यावहारिक अनुपालन से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं पर प्रकाश डाला।
विशेषज्ञों ने साझा किए अनुभव
कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स और अधिवक्ताओं ने भी अपने अनुभव साझा किए। जीएसटी और आयकर से जुड़े जटिल विषयों पर सार्थक चर्चा हुई तथा प्रतिभागियों ने विभिन्न व्यावहारिक समस्याओं से जुड़े सवाल पूछे, जिनका विशेषज्ञों ने विस्तार से समाधान दिया।
बड़ी संख्या में पहुंचे टैक्स प्रोफेशनल्स
सेमिनार की अध्यक्षता एसोसिएशन के चेयरमैन सीए सुरेन्द्र सलूजा ने की। इस अवसर पर प्रधान दलबीर सिंह, महासचिव रिपुल बंसल, कैशियर सनी गुप्ता, मीडिया कोऑर्डिनेटर राहुल शर्मा सहित एसोसिएशन के पदाधिकारी मौजूद रहे।
कार्यक्रम में वरिष्ठ अधिवक्ता अशोक गोयल, संजय सिंगला, मनमोहन गर्ग, सचिन दुड़ेजा, नीरज गुप्ता, वरिष्ठ चार्टर्ड अकाउंटेंट सीए अनिल बत्रा और सीए राकेश गर्ग सहित कैथल एवं आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में चार्टर्ड अकाउंटेंट्स, अधिवक्ताओं और टैक्स प्रैक्टिशनर्स ने भाग लिया।
कार्यक्रम के अंत में एसोसिएशन पदाधिकारियों ने मुख्य वक्ताओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे तकनीकी सेमिनार टैक्स प्रोफेशनल्स को बदलते कानूनों, न्यायिक निर्णयों और व्यावहारिक प्रक्रियाओं की अद्यतन जानकारी उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। साथ ही भविष्य में भी इस तरह के उच्च स्तरीय सेमिनार नियमित रूप से आयोजित करने की बात कही गई।

