० 25 मई से शुरू हुआ नौतपा, अगले 9 दिन भीषण गर्मी का अलर्ट

हिसार। उत्तर भारत में गर्मी अब अपने प्रचंड रूप में दिखाई देने लगी है। सोमवार, 25 मई से नौतपा की शुरुआत हो चुकी है, जो 2 जून तक जारी रहेगा। मौसम विभाग और विशेषज्ञों के अनुसार इस दौरान हरियाणा, दिल्ली-एनसीआर, राजस्थान, पंजाब और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में तापमान 45 से 48 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है।

नौतपा के शुरुआती चार दिनों में गर्मी लगातार बढ़ेगी। हालांकि 28 से 30 मई के बीच मौसम में हल्का बदलाव देखने को मिल सकता है। इस दौरान आंशिक बादल छाने, तेज हवाएं चलने, धूलभरी आंधी और हल्की बारिश होने की संभावना जताई गई है।

बारिश बनी तो कमजोर पड़ सकता है मानसून!

मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन के अनुसार नौतपा केवल धार्मिक मान्यता नहीं, बल्कि पृथ्वी और सूर्य की स्थिति से जुड़ी एक महत्वपूर्ण वैज्ञानिक प्रक्रिया है, जिसका सीधा असर भारतीय मानसून और कृषि व्यवस्था पर पड़ता है।

उन्होंने बताया कि इस दौरान पृथ्वी का उत्तरी गोलार्द्ध सूर्य की ओर अधिक झुका होता है, जिससे सूर्य की सीधी किरणें मैदानी इलाकों पर पड़ती हैं। इससे जमीन तेजी से गर्म होती है और निम्न वायुदाब का क्षेत्र बनता है, जो समुद्र से नमी वाली मानसूनी हवाओं को भारत की ओर खींचने में मदद करता है।

लेकिन यदि नौतपा के दौरान बार-बार बारिश हो जाए तो जमीन पर्याप्त गर्म नहीं हो पाती। इसका असर मानसून पर पड़ सकता है और बारिश कमजोर या देर से आने की संभावना बढ़ जाती है।

प्रदेश में गर्मी का कहर, सिरसा सबसे गर्म जिला

रविवार को हरियाणा के अधिकांश जिलों में तापमान 42 डिग्री सेल्सियस के पार दर्ज किया गया। तेज धूप और गर्म हवाओं ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी।

प्रमुख शहरों का तापमान (डिग्री सेल्सियस में)
जिला अधिकतम न्यूनतम
सिरसा 46.0°C 29.0°C
रोहतक 44.0°C 23.2°C
हिसार 43.8°C 25.1°C
जींद 43.8°C 27.9°C
मेवात 43.5°C 29.3°C
रेवाड़ी 42.4°C 25.3°C

स्वास्थ्य विभाग की एडवाइजरी

भीषण गर्मी और लू को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।

० दोपहर 12 से 4 बजे तक बाहर निकलने से बचें
० अधिक मात्रा में पानी और ORS का सेवन करें
० हल्के रंग और सूती कपड़े पहनें
० बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें
० चक्कर, कमजोरी या तेज बुखार महसूस होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें

अगले कुछ दिन बेहद अहम

मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि इस बार नौतपा की तीव्र गर्मी आने वाले मानसून की दिशा तय कर सकती है। ऐसे में अगले 9 दिन उत्तर भारत के मौसम और खेती—दोनों के लिए बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।