पश्चिम बंगाल में हाल ही में हुए सत्ता परिवर्तन का सीधा असर अब राज्य प्रशासन के मुख्यालय यानी राज्य सचिवालय पर भी साफ तौर पर दिखने लगा है. राज्य सचिवालय ‘नबान्न’ का रंग अब नीला-सफेद से गेरुआ हो गया है. सोमवार की सुबह यह बदलाव तब देखने को मिला जब हावड़ा स्थित 14 मंजिला प्रशासनिक मुख्यालय पर जगमगाता ‘नबन्ना’ का चिन्ह नीले रंग के बजाय केसरिया रंग में दिखाई दिया.
पूर्ववर्ती तृणमूल कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में पूरे बंगाल में ‘नीला-सफेद’ रंग का एकछत्र साम्राज्य देखा गया था. बहुत ही कम समय में बंगाल का रंग नीला-सफेद से गेरुआ हो गया.
पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने के बाद हो रहे बदलावों में से यह एक है. पिछले 15 सालों से नबान्न का रंग नीला-सफेद था. दूसरे शब्दों में कहा जाए तो पिछले करीब 15 वर्षों तक ममता बनर्जी के शासनकाल के दौरान नवान्न की इमारत की चोटी पर चमकने वाली नीले रंग की नेमप्लेट को अब हटा दिया गया है.
हालांकि, राज्य सचिवालय की पूरी बिल्डिंग का रंग नहीं बदला है, सिर्फ बिल्डिंग के ऊपर लगी ‘नबान्न’ पट्टिका को बदला गया है. ऐसा कहा जा रहा है कि इस संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है कि आने वाले दिनों में राज्य की पूरी बिल्डिंग नीले-सफेद से गेरुआ रंग में बदल सकती है.
राज्य सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, नबान्न की नाम पट्टिका का रंग बदलना, अलग-अलग सरकारी इमारतों में चल रहे रखरखाव और सजावट के काम का ही एक हिस्सा है.
आपको बताते चले कि शुभेंदु सरकार ने कुछ दिन पहले ही घोषणा की थी कि स्कूल यूनिफॉर्म का रंग बदला जाएगा. शुभेंदु अधिकारी ने साफ तौर पर निर्देश दिया है कि नीली-सफेद यूनिफॉर्म अब नहीं रहेगी. वर्ष 2022 में TMC के सत्ता में राज्य के सरकारी और सहायता प्राप्त विद्यालयों के छात्र-छात्राओं के लिए नीला-सफेद यूनिफार्म अनिवार्य किया गया था.
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