Rajasthan News: नीट परीक्षा के पेपर लीक ने अब पूरे देश में सियासी तूफान खड़ा कर दिया है। राजस्थान में कांग्रेस ने इसे लेकर मोर्चा खोल दिया है। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा ने सीधे केंद्र और राज्य की भाजपा सरकार पर हमला बोला है। डोटासरा ने तो यहां तक कह दिया कि सीबीआई (CBI) महज ‘केंद्र का तोता’ बनकर रह गई है।

बड़े मगरमच्छों को बचाने का खेल?

कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यह पहली बार नहीं है। पिछले तीन सालों से लगातार पेपर आउट हो रहे हैं। डोटासरा ने सवाल उठाया कि जब मामला इतना बड़ा है, तो सरकार ‘बड़े मगरमच्छों’ को क्यों बचा रही है? उन्होंने मांग की है कि इस पूरे कांड की जांच सुप्रीम कोर्ट के जज की निगरानी में एक न्यायिक आयोग या जेपीसी (JPC) से कराई जाए। डोटासरा के मुताबिक, केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान कोर्ट में गलत जानकारी देकर बचने का रास्ता ढूंढ रहे हैं।

NTA पर सवाल: क्या 22 लाख बच्चों का डेटा चोरी हुआ?

पीसीसी चीफ ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को निशाने पर लेते हुए इसे एक NGO जैसा बता दिया। उन्होंने एक चौंकाने वाला आरोप लगाया कि भाजपा इस एजेंसी के जरिए 22 लाख छात्रों का डेटा इकट्ठा कर रही है। उनका दावा है कि इस डेटा का इस्तेमाल भविष्य के चुनावों में वोट बैंक के लिए किया जा सकता है। सवाल यह है कि इतनी बड़ी जिम्मेदारी किसी सरकारी विभाग के बजाय ऐसी संस्था को क्यों दी गई जिसका काम करने का तरीका पारदर्शी नहीं है।

गहलोत ने एसओजी को घेरा

पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने राजस्थान पुलिस की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। गहलोत ने पूछा, अगर पेपर लीक हुआ है तो अभी तक एफआईआर (FIR) दर्ज क्यों नहीं की गई? उन्होंने आरोप लगाया कि एसओजी के अफसर सिर्फ प्रेस कॉन्फ्रेंस करके खानापूर्ति कर रहे हैं। गहलोत ने कहा कि बार-बार होते पेपर लीक ने बच्चों को मानसिक रूप से तोड़ दिया है।

किरोड़ी मीणा की चुप्पी पर तंज

डोटासरा ने भाजपा मंत्री किरोड़ी लाल मीणा पर भी तंज कसा। उन्होंने कहा कि जो किरोड़ी हर बात पर छापे मारते थे, वो अब चुप क्यों हैं? डोटासरा का कहना है कि दिल्ली से ‘पर्ची’ आ गई है, इसलिए वो शांत बैठे हैं। कांग्रेस का सीधा आरोप है कि इस लीक में भाजपा से जुड़े लोग शामिल हैं, इसीलिए एफआईआर दर्ज करने से बचा जा रहा है।

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