नीट (NEET-UG) पेपर लीक मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की जांच सीधे नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के अंदर तक पहुंच गई है। सीबीआई ने एनटीए द्वारा नियुक्त प्रश्नपत्र सेट करने वाले दो प्रोफेसरों सहित अब तक 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो देश भर के लाखों छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले इस सिंडिकेट के मास्टरमाइंड बताए जा रहे हैं। जांच एजेंसी को शक है कि पेपर लीक नेटवर्क में सिर्फ बाहरी लोग ही नहीं, बल्कि NTA के अंदर के कुछ कर्मचारी और अधिकारी भी शामिल हो सकते हैं.

नीट यूजी 2026 पेपर लीक मामले में सीबीआई जांच में बड़ा खुलासा हुआ है. सूत्रों के मुताबिक लातूर के प्रोफेसर कुलकर्णी पिछले पांच वर्षों से NTA के लिए पेपर तैयार करने में शामिल थे.

नीट-यूजी 2026 पेपर लीक मामले में जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे बड़े खुलासे सामने आ रहे हैं. अब इस मामले की आंच सीधे नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) तक पहुंचती दिखाई दे रही है. सीबीआई सूत्रों के मुताबिक, लातूर के प्रोफेसर कुलकर्णी पिछले पांच साल से NTA के लिए पेपर तैयार करने का काम कर रहे थे. प्रोफेसर कुलकर्णी के अलावा दो अन्य प्रोफेसर भी जांच एजेंसी के रडार पर हैं. इसके साथ ही NTA के अंदर पेपर प्रक्रिया से जुड़े करीब 50 कर्मचारी और अधिकारियों की सूची भी सीबीआई के पास मौजूद है.

सीबीआई टीम ने प्रोफेसर कुलकर्णी को पुणे स्थित उनके घर से गिरफ्तार किया है. अधिकारियों के मुताबिक, कुलकर्णी के पास प्रश्नपत्रों तक पहुंच थी और वह अपने घर पर विशेष कोचिंग क्लास चलाते थे. जांच में सामने आया है कि अप्रैल 2026 के अंतिम सप्ताह में कुलकर्णी ने आरोपी मनीषा वाघमारे की मदद से कुछ छात्रों को इकट्ठा किया था. मनीषा वाघमारे को सीबीआई पहले ही 14 मई को गिरफ्तार कर चुकी है.

CBI को एक और बड़ी सफलता हाथ लगी है. जांच एजेंसी ने बायोलॉजी पेपर लीक की कथित मास्टरमाइंड महिला टीचर मनीषा मंधारे को गिरफ्तार किया है. इस गिरफ्तारी के बाद पूरे मामले में कई चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं. CBI का दावा है कि आरोपी महिला को नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने परीक्षा प्रक्रिया में एक्सपर्ट के तौर पर नियुक्त किया था, जिसके चलते उसे प्रश्नपत्रों तक सीधी पहुंच हासिल थी.

CBI अधिकारियों के मुताबिक, मनीषा मंधारे को NEET-UG 2026 परीक्षा से जुड़े बॉटनी और जूलॉजी विषयों की जिम्मेदारी दी गई थी. एक्सपर्ट होने के कारण उसे प्रश्नपत्र तैयार करने और मॉडरेशन प्रक्रिया की अहम जानकारी थी. जांच में यह सामने आया है कि इसी एक्सेस का फायदा उठाकर पेपर लीक की साजिश रची गई. 

जांच में सामने आया है कि अप्रैल 2026 के दौरान मनीषा मंधारे ने पुणे निवासी मनीषा वाघमारे के जरिए कई NEET अभ्यर्थियों से संपर्क कराया था. CBI का कहना है कि अभ्यर्थियों को परीक्षा में अच्छे नंबर दिलाने के नाम पर बड़ी रकम वसूली गई थी. 

इस पूरे मामले के सामने आने के बाद NTA की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. विपक्षी दलों और छात्रों ने परीक्षा प्रक्रिया की पारदर्शिता पर चिंता जताई है. सोशल मीडिया पर भी NEET परीक्षा प्रणाली को लेकर बहस तेज हो गई है. हालांकि, NTA की ओर से अभी तक इस मामले में विस्तृत बयान जारी नहीं किया गया है. एजेंसी का कहना है कि वह जांच में पूरा सहयोग कर रही है.

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