Technology Desk: अगर आप ChatGPT का इस्तेमाल सवालों के जवाब पाने, पढ़ाई, ऑफिस के काम या रोजमर्रा की जानकारी के लिए करते हैं, तो आने वाले समय में आपको इसके इंटरफेस में एक बदलाव देखने को मिल सकता है। OpenAI ने ChatGPT में विज्ञापनों की टेस्टिंग शुरू कर दी है। कंपनी के मुताबिक Ads Free और Go प्लान वाले यूजर्स को दिखाई दे सकते हैं, जबकि Plus, Pro, Business, Enterprise और Edu प्लान विज्ञापन-मुक्त रहेंगे।
OpenAI ने बताया है कि विज्ञापनों को ChatGPT के जवाबों से अलग रखा जाएगा। Ads पर Sponsored का लेबल होगा और विज्ञापनदाता ChatGPT के जवाबों को प्रभावित, बदल या उनकी रैंकिंग तय नहीं कर सकेंगे।
Free और Go यूजर्स को दिख सकते हैं Ads
OpenAI के अनुसार ChatGPT के Free और Go प्लान में विज्ञापन दिखाई दे सकते हैं। वहीं Plus, Pro, Business, Enterprise और Edu अकाउंट में Ads नहीं होंगे। कंपनी ने विज्ञापनों की शुरुआत चरणबद्ध तरीके से करने की बात कही है।
OpenAI ने फरवरी 2026 में अमेरिका से Ads की टेस्टिंग शुरू की थी और बाद में इसे दूसरे बाजारों तक बढ़ाया जा रहा है। कंपनी के मुताबिक अलग-अलग देशों में Ads की उपलब्धता समय के साथ बदल सकती है।
ChatGPT के जवाब पर नहीं पड़ेगा असर
अगर आपको डर है कि विज्ञापन दिखने के बाद ChatGPT के जवाब किसी कंपनी या प्रोडक्ट के पक्ष में आने लगेंगे, तो OpenAI ने इसे लेकर साफ जानकारी दी है।
कंपनी का कहना है कि Ads और ChatGPT के जवाब अलग-अलग सिस्टम पर काम करते हैं। विज्ञापनदाता ChatGPT के जवाबों को प्रभावित नहीं कर सकते। विज्ञापन को जवाब से अलग और Sponsored लेबल के साथ दिखाया जाएगा।
यानी किसी कंपनी का विज्ञापन दिखाई देने का मतलब यह नहीं होगा कि ChatGPT उस कंपनी या उसके प्रोडक्ट की सिफारिश कर रहा है।

क्या विज्ञापन आपकी चैट के आधार पर होंगे?
OpenAI के अनुसार Ads को ज्यादा प्रासंगिक बनाने के लिए कुछ संदर्भों का इस्तेमाल किया जा सकता है। इसमें मौजूदा चैट का संदर्भ और कुछ सामान्य जानकारी शामिल हो सकती है।
अगर यूजर के लिए Personalized Ads की सुविधा चालू है, तो OpenAI के अनुसार कुछ मामलों में वर्तमान चैट, Ads के साथ यूजर का इंटरैक्शन और कुछ सेटिंग्स के आधार पर विज्ञापनों को ज्यादा प्रासंगिक बनाया जा सकता है।
हालांकि, कंपनी का कहना है कि विज्ञापनदाताओं को आपकी चैट, चैट हिस्ट्री, मेमोरी या व्यक्तिगत जानकारी का सीधा एक्सेस नहीं मिलता। विज्ञापनदाताओं को Ads के प्रदर्शन से जुड़ा aggregated और non-identifying डेटा दिया जाता है, जैसे कुल views या clicks।
Ads को कंट्रोल करने का विकल्प
OpenAI ने Ads को लेकर यूजर्स को कुछ कंट्रोल भी दिए हैं। जहां यह सुविधा उपलब्ध है, वहां यूजर Ads personalization को बंद कर सकता है, किसी विज्ञापन को हटा सकता है और यह भी देख सकता है कि उसे कोई खास Ad क्यों दिखाया जा रहा है।
कंपनी के अनुसार Ads के लिए इस्तेमाल होने वाले डेटा को भी यूजर साफ कर सकता है। हालांकि, विज्ञापन बंद करने और Ads personalization बंद करने में अंतर है। Personalization बंद करने पर भी कुछ विज्ञापन दिखाई दे सकते हैं।
Plus और Pro यूजर्स को राहत
अगर आप ChatGPT Plus या Pro इस्तेमाल करते हैं, तो OpenAI के मौजूदा नियमों के मुताबिक इन प्लान में Ads नहीं दिखाए जाएंगे। Business, Enterprise और Edu अकाउंट भी विज्ञापन-मुक्त रहेंगे।
OpenAI का कहना है कि Ads का उद्देश्य Free और Go प्लान को बड़े स्तर पर उपलब्ध रखने और इसके लिए जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश को सपोर्ट करना है।
Ads कहां दिखाई देंगे?
OpenAI के मुताबिक Ads ChatGPT के किसी जवाब के नीचे दिखाई दे सकते हैं। इन्हें स्पष्ट रूप से Sponsored के तौर पर चिन्हित किया जाएगा और ChatGPT के जवाब से अलग रखा जाएगा।
कंपनी ने विज्ञापनदाताओं के लिए अलग Ads प्लेटफॉर्म भी शुरू किया है, जिसमें ChatGPT पर विज्ञापन दिखाने की प्रक्रिया और कैंपेन से जुड़ी जानकारी दी गई है।
नाबालिग यूजर्स के लिए Ads पर रोक
OpenAI के अनुसार टेस्ट के दौरान उन अकाउंट्स में Ads नहीं दिखाए जाएंगे जहां यूजर खुद बताता है या सिस्टम यह अनुमान लगाता है कि यूजर की उम्र 18 साल से कम है।
Temporary Chats में भी Ads नहीं दिखाए जाते।
भारत में क्या स्थिति है?
भारत में Ads की उपलब्धता को लेकर स्थिति चरणबद्ध विस्तार पर निर्भर करती है। OpenAI के आधिकारिक दस्तावेजों के अनुसार Ads की उपलब्धता देश और टेस्टिंग चरण के हिसाब से बदल सकती है। इसलिए किसी भारतीय यूजर को Ads कब और किस रूप में दिखाई देंगे, यह उसके प्लान और उस समय उपलब्ध क्षेत्रीय rollout पर निर्भर करेगा।
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