भारत सरकार का सांख्यिकी कार्यालय (NSO) रेवाड़ी में विभिन्न सर्वेक्षण कर रहा है। इन आंकड़ों का उपयोग सरकारी योजनाओं और नीतियों के निर्माण में किया जाएगा।

धनेश विद्यार्थी, रेवाड़ी। भारत सरकार का राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) देश भर में सामाजिक-आर्थिक विकास को गति देने के लिए महत्वपूर्ण सर्वेक्षण कर रहा है। जून 2026 के दौरान, रेवाड़ी जिले के विभिन्न गांवों में एनएसओ के क्षेत्र संकार्य प्रभाग (FOD) द्वारा सर्वेक्षण कार्य शुरू किया गया है। वरिष्ठ सांख्यिकीय अधिकारी राममेहर सिंह ने बताया कि 1950 से जारी इस प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर सटीक डेटाबेस विकसित करना है। यह डेटा केंद्र और राज्य सरकारों को जनहित की नीतियां बनाने और विकास संबंधी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में आधार प्रदान करता है। सर्वेक्षण के माध्यम से जुटाई गई जानकारी देश की प्रगति की दिशा तय करने में एक अहम और अनिवार्य भूमिका निभाती है।

सर्वेक्षण के मुख्य क्षेत्र और प्रक्रिया

रेवाड़ी जिले में सर्वेक्षण का दायरा काफी विस्तृत है, जिसमें विभिन्न सामाजिक और आर्थिक पहलुओं को शामिल किया गया है। राममेहर सिंह ने स्पष्ट किया कि गैर-नियमित क्षेत्र उद्यमों के लिए भाकली और गोकलगढ़, जबकि आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण के लिए नंदरामपुर बास व मनेठी गांव को चुना गया है। इसके अलावा, राष्ट्रीय पारिवारिक आय सर्वेक्षण में फतेहपुरी व कोसली, उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के लिए पाल्हावास व रेवाड़ी, तथा पारिवारिक यात्रा सर्वेक्षण के लिए भाकली व भोतवास अहीर गांव शामिल हैं। अधिकारी ई-सिग्मा सॉफ्टवेयर युक्त टैबलेट और सुरक्षित वेब पोर्टलों का उपयोग करके वैज्ञानिक सैंपलिंग पद्धति से डेटा एकत्र कर रहे हैं, ताकि जानकारी में पूर्ण पारदर्शिता और तकनीकी सटीकता बनी रहे।

गोपनीयता और नागरिकों से अपील

सर्वेक्षण के दौरान एकत्र की गई सभी व्यक्तिगत और उद्यम संबंधी जानकारी पूरी तरह से गोपनीय रखी जाती है। किसी भी प्रकाशित रिपोर्ट या सार्वजनिक आंकड़ों में संबंधित परिवारों या प्रतिष्ठानों की पहचान उजागर नहीं की जाती है। इन आंकड़ों का उपयोग केवल सांख्यिकीय उद्देश्यों के लिए ही किया जाता है। एनएसओ ने थोक मूल्य सूचकांक और औद्योगिक उत्पादन सूचकांक जैसी श्रेणियों के लिए चयनित इकाइयों को पहले ही नोटिस भेज दिए हैं। अंत में, राममेहर सिंह ने सभी नागरिकों और व्यवसाय मालिकों से आग्रह किया है कि वे सर्वेक्षण टीम को अपना बहुमूल्य समय दें और सही जानकारी साझा करें, ताकि राष्ट्र के हित में बेहतर योजनाएं बनाई जा सकें।