नूंह के सिंगार गांव में ईद-उल-अजहा की नमाज के बाद पुरानी रंजिश के चलते दो पक्षों में लाठी-डंडे चल गए। इस हिंसक हमले में 5 महीने की गर्भवती महिला सहित करीब 7 लोग लहूलुहान हो गए, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल भर्ती कराया गया है।
नूंह। जिला अंतर्गत सिंगार गांव में आज बकरीद की नमाज के तुरंत बाद दो गुटों के बीच अचानक खूनी संघर्ष हो गया। इस हिंसक वारदात में एक पांच महीने की गर्भवती महिला सहित दोनों पक्षों के करीब 7 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। घटना की मुख्य वजह पुरानी रंजिश बताई जा रही है, जिसके चलते दोनों पक्षों के लोग लाठी-डंडों के साथ आमने-सामने आ गए। मामले की सूचना मिलते ही स्थानीय थाना पुलिस की टीम तुरंत भारी दलबल के साथ मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रण में लिया। फिलहाल सभी घायलों को इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया है और पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है।
पुरानी रंजिश में योजनाबद्ध हमला हुआ
पीड़ित पक्ष के युवक शाहरुख ने बताया कि उनका पूरा परिवार नमाज के बाद घर पर बैठकर खाना खा रहा था। उसी समय दूसरे पक्ष के लोग पूरी योजना के साथ हथियारों से लैस होकर वहां पहुंचे और अचानक हमला बोल दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि पुरानी चुनावी और पारिवारिक रंजिश के चलते उनके पूरे कुनबे को निशाना बनाया गया है। इस जानलेवा हमले में शाहरुख के भाई को सिर में गंभीर चोटें आई हैं, जबकि बीच-बचाव करने आई उनकी पांच महीने की गर्भवती भाभी को भी बेरहमी से पीटा गया है। चश्मदीद खुर्शीद के अनुसार, नमाज के बाद शुरू हुआ यह मामूली विवाद देखते ही देखते एक बड़े हिंसक दंगे में तब्दील हो गया।
गंभीर घायल नलहड़ मेडिकल कॉलेज रेफर
अस्पताल के ऑन-ड्यूटी चिकित्सक ने बताया कि इस आपसी झगड़े के बाद करीब 6 से 7 घायल लोग आपातकालीन वार्ड में इलाज के लिए पहुंचे थे। प्राथमिक जांच में घायलों के सिर, पेट और पीठ पर गंभीर चोट के निशान पाए गए हैं। कुछ मरीजों के जबड़े पूरी तरह टूट चुके हैं, जबकि एक व्यक्ति का हाथ फ्रैक्चर हुआ है। सभी की नाजुक हालत को देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए मांडीखेड़ा सामान्य अस्पताल और नलहड़ मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है। उधर, नूंह पुलिस प्रवक्ता कृष्ण कुमार ने कहा कि पीड़ितों की लिखित शिकायत के आधार पर केस दर्ज किया जा रहा है और आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

