नूंह जिले के कुलढेरा गांव में छह महीने पहले बना मकान अचानक गिर गया। इस हादसे में एक महिला और चार बच्चे घायल हो गए, जिनका अस्पताल में इलाज चल रहा है।

सोनू वर्मा, नूंह। जिले के फिरोजपुर झिरका उपमंडल अंतर्गत साकरस पंचायत के गांव कुलढेरा में एक बड़ा दर्दनाक हादसा हुआ है। यहाँ एक गरीब परिवार का नवनिर्मित मकान अचानक भरभराकर गिर गया, जिसकी चपेट में आने से महिला समेत परिवार के पांच सदस्य गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के समय घर के मुखिया असलम बाहर गए हुए थे, जबकि उनकी पत्नी समीना और बच्चे घर के भीतर मौजूद थे। मकान गिरने की इस घटना ने पूरे गांव में अफरा-तफरी मचा दी। गनीमत रही कि हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन Nuh house collapse की इस घटना ने पीड़ित परिवार को बेघर कर दिया है। घायलों को तुरंत स्थानीय लोगों की मदद से अस्पताल पहुंचाया गया।

मलबे से सुरक्षित निकाले पांच घायल

हादसे की सूचना पाकर पुलिस, एम्बुलेंस और फायर ब्रिगेड की टीम तुरंत घटनास्थल पर पहुंची। स्थानीय ग्रामीणों के सहयोग से मलबे में दबे घायलों को सुरक्षित बाहर निकालकर इलाज के लिए मांडीखेड़ा स्थित अल आफिया अस्पताल भेजा गया। घायलों में असलम की 45 वर्षीय पत्नी समीना, 18 वर्षीय बेटी जिशाना, 7 वर्षीय बेटा शाद, 2 वर्षीय हारिश और 8 वर्षीय गुलफसा शामिल हैं। चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद समीना, जिशाना और शाद को छुट्टी दे दी है, जबकि अन्य बच्चों को मामूली चोटें आई हैं। राहत की बात यह है कि सभी घायलों की हालत फिलहाल खतरे से बाहर बताई जा रही है। परिवार के लिए यह किसी बड़े चमत्कार से कम नहीं है कि सब सुरक्षित बच गए।

मदद की गुहार लगा रहा परिवार

ग्रामीणों ने बताया कि यह मकान महज छह महीने पहले ही बनकर तैयार हुआ था, लेकिन अचानक ढह जाने से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। अब पीड़ित परिवार के सामने सिर छुपाने की गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई है। आर्थिक रूप से कमजोर होने के कारण परिवार को भारी नुकसान हुआ है। ग्रामीणों ने प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और समाजसेवियों से अपील की है कि वे पीड़ित परिवार की स्थिति को देखते हुए उन्हें तत्काल मुआवजा प्रदान करें। लोगों का कहना है कि प्रशासन को प्रभावित परिवार के रहने की वैकल्पिक व्यवस्था करनी चाहिए ताकि उन्हें इस कठिन समय में सहारा मिल सके। अब हर किसी की नजर इस बात पर है कि पीड़ित परिवार को सरकारी सहायता कब तक मिलती है।