नूंह जिले में मलेरिया के बढ़ते खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने पीएचसी और सीएचसी प्रभारियों के साथ समीक्षा बैठक कर आवश्यक निर्देश जारी किए हैं। डीएमओ डॉ. कपिल देव ने लोगों से घरों के आसपास पानी जमा न होने देने की अपील की है।
सोनू वर्मा, नूंह। जिले में मलेरिया के बढ़ते खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सतर्क हो गया है। मलेरिया की रोकथाम और बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग ने सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) प्रभारियों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित कर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। बैठक में साफ-सफाई, दवाइयों की उपलब्धता और जागरूकता अभियान को तेज करने पर विशेष जोर दिया गया।
डीएमओ डॉ. कपिल देव ने बताया कि बरसात के मौसम में मलेरिया फैलाने वाले मच्छरों का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए लोगों को अपने घरों और आसपास किसी भी स्थान पर पानी जमा नहीं होने देना चाहिए। कूलर, टायर, गमले, टूटे बर्तन और छतों पर जमा पानी को समय-समय पर खाली करना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि थोड़ी-सी लापरवाही भी मलेरिया जैसी गंभीर बीमारी का कारण बन सकती है।
दवाइयों का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध
डॉ. कपिल देव ने बताया कि जिले के सभी पीएचसी और सीएचसी में मलेरिया से संबंधित आवश्यक दवाइयों का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध करा दिया गया है, ताकि किसी भी मरीज को उपचार में परेशानी का सामना न करना पड़े।
सभी एमपीएचडब्लू को गांव-गांव जाकर लोगों को मलेरिया से बचाव के उपायों के बारे में जागरूक करने के साथ-साथ बुखार के मरीजों को चिन्हित करना व एंटी लारवा एक्टिविटी करवाना व ग्राम के मुखिया को फॉगिंग करने के लिए निर्देश दिए गए हैं।
लक्षणों के प्रति रहें सतर्क
स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि यदि किसी व्यक्ति को लगातार बुखार, ठंड लगना, सिरदर्द या शरीर में दर्द जैसे लक्षण दिखाई दें तो तुरंत नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराएं। समय पर जांच और उपचार से मलेरिया पर आसानी से काबू पाया जा सकता है।
स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि प्रशासन और आम जनता के संयुक्त प्रयासों से ही मलेरिया जैसी बीमारियों पर प्रभावी नियंत्रण संभव है। इसलिए सभी नागरिक सावधानी बरतें, स्वच्छता बनाए रखें और अपने आसपास पानी जमा न होने दें।

