हरियाणा के नूंह जिले में पुलिस ने गोकशी और गोवंश तस्करी के खिलाफ एक व्यापक अभियान चलाकर बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने दो माह के भीतर सैकड़ों आरोपियों को गिरफ्तार कर भारी मात्रा में प्रतिबंधित मांस बरामद किया है।
सोनू वर्मा नूंह। गोकशी और गोवंश तस्करी के खिलाफ नूंह जिला पुलिस ने अप्रैल से जून 2026 के दौरान एक व्यापक अभियान चलाते हुए अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। इस विशेष समयावधि में पुलिस टीमों ने मुस्तैदी दिखाते हुए कुल 107 मुकदमे दर्ज किए हैं और 214 शातिर आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। पुलिस विभाग के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार यह कड़ी कार्रवाई पिछले वर्ष की तुलना में काफी अधिक और प्रभावी रही है। नूंह में Nuh Police Cow Slaughter Crackdown के इस कड़े कदम से अवैध धंधा करने वाले अपराधियों में भारी हड़कंप मच गया है।
पिछले साल से दोगुना कार्रवाई
जिला पुलिस प्रवक्ता ने इस संबंध में विस्तृत जानकारी साझा करते हुए बताया कि वर्ष 2025 में अप्रैल से जून माह के बीच कुल 51 मामले दर्ज किए गए थे और 157 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। इसकी तुलना में इस वर्ष 4 अप्रैल से 30 जून तक रिकॉर्ड 107 मुकदमे दर्ज कर 214 आरोपियों को जेल भेजा गया है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार गोकशी से जुड़े मामलों में दर्ज मुकदमों और गिरफ्तारियों दोनों में ही इस बार उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज हुई है। पुलिस की इस आक्रामक रणनीति से जिले में सक्रिय तस्करों के हौसले पूरी तरह पस्त हो गए हैं।
भारी मात्रा में मांस बरामद
पुलिस द्वारा दर्ज किए गए इन 107 मामलों में विभिन्न थानों की टीमों ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए 207 गाय, 15 बछड़े, 52 सांड, 13 गोवंश की खाल तथा 2865 किलोग्राम प्रतिबंधित मांस बरामद किया है। इसके अलावा गोवंश की अवैध तस्करी और परिवहन में धड़ल्ले से इस्तेमाल किए जा रहे 72 वाहनों को भी पुलिस ने मौके से जब्त किया है। पुलिस प्रवक्ता के अनुसार पुलिस अधीक्षक डॉ. अर्पित जैन के कड़े निर्देश पर जिले में गोकशी के मामलों को लेकर पूरी तरह जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई गई है।
पुलिस जवानों ने दी शहादत
इसके तहत पुलिस की अलग-अलग टीमें लगातार रात-दिन कार्रवाई कर रही हैं और फरार चल रहे आरोपियों के खिलाफ नियमित रूप से मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि गोवंश तस्करी से जुड़े मामलों में हाल के समय में कई बार पुलिस और तस्करों के बीच हिंसक मुठभेड़ की घटनाएं भी सामने आई हैं। इन मुठभेड़ों में जहां कई पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हुए हैं, वहीं हाल ही में हमारे दो वीर पुलिस जवानों की जान भी गई है। इन शहीदों की शहादत के बाद पुलिस प्रशासन अपराधियों पर और अधिक आक्रामक हो गया है।
अपराधियों की खुलेगी हिस्ट्रीशीट
पुलिस अधीक्षक डॉ. अर्पित जैन ने दो टूक शब्दों में कहा है कि जिले में किसी भी प्रकार के संगठित अपराध को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। गोकशी और गोवंश की अवैध तस्करी में संलिप्त पाए जाने वाले अपराधियों के खिलाफ आगे भी इसी तरह सख्त कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी। ऐसे सभी आदतन आरोपियों की पहचान कर उनकी बाकायदा हिस्ट्रीशीट भी खोली जा रही है और उन्हें पुलिस की चौबीस घंटे विशेष निगरानी में रखा जा रहा है। एसपी ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।

