नूंह: हरियाणा के नूंह जिले में करीब आठ साल पुराने गर्भवती पत्नी की हत्या के मामले में अदालत ने आरोपी पति को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश संदीप चौहान की अदालत ने दोषी राजपाल पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना नहीं भरने पर उसे छह महीने का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।
मामला वर्ष 2018 का है और तावडू सदर थाना क्षेत्र के गांव पढ़ेनी से जुड़ा है। पुलिस के अनुसार, राजपाल ने अपनी गर्भवती पत्नी आरती की हत्या कर शव को जंगल में फेंक दिया था। जांच के दौरान सामने आया कि आरोपी अपनी पत्नी को एक सुनसान स्थान पर लेकर गया था, जहां उसने गंडासे से उसकी गर्दन पर कई वार किए।
हमले में आरती गंभीर रूप से घायल हो गई और उसकी मौत हो गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी मृतका की गर्दन पर पांच गंभीर चोटों की पुष्टि हुई थी। घटना के बाद मृतका के मायके पक्ष ने ससुराल वालों पर दहेज हत्या समेत कई गंभीर आरोप लगाए थे। शिकायत के आधार पर नूंह पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
जांच के दौरान पुलिस ने मामले से जुड़े साक्ष्य जुटाए और आरोपी के खिलाफ अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया। इसके बाद मामला अदालत में चलता रहा और करीब आठ साल तक चली कानूनी प्रक्रिया के बाद अब अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों और सुनवाई के आधार पर राजपाल को हत्या का दोषी ठहराया।
अदालत ने दोषी पति को आजीवन कारावास की सजा सुनाने के साथ 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना अदा नहीं करने की स्थिति में छह महीने का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।
अदालत के इस फैसले के बाद मृतका के परिजनों ने राहत जताई है। करीब आठ साल के लंबे इंतजार के बाद आए फैसले से उन्हें न्याय मिलने की उम्मीद पूरी हुई है।
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