भुवनेश्वर। ओडिशा में हालिया बाढ़ से प्रभावित लोगों को राहत देने के लिए राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने मंगलवार को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लिए 1,000 करोड़ रुपये के विशेष राहत पैकेज की घोषणा की। राज्य में आई भीषण बाढ़ से करीब 9.40 लाख लोग प्रभावित हुए हैं।

मुख्यमंत्री ने बालेश्वर, भद्रक, जाजपुर, मयूरभंज, केन्दुझर और केंद्रापड़ा जिलों में बाढ़ की स्थिति का जायजा लेने के बाद राहत पैकेज की घोषणा की। उन्होंने कहा कि 1,000 करोड़ रुपये की राशि प्रारंभिक आकलन के आधार पर तय की गई है। जिलों से नुकसान की विस्तृत रिपोर्ट मिलने के बाद आवश्यकता के अनुसार अतिरिक्त राशि भी जारी की जा सकती है।
फसल नुकसान पर किसानों को मिलेगी सहायता

बाढ़ से फसल को हुए नुकसान के लिए छोटे और सीमांत किसानों को सहायता देने का प्रावधान किया गया है। जिन किसानों की 33 प्रतिशत या उससे अधिक फसल क्षतिग्रस्त हुई है, उन्हें भूमि के प्रकार और फसल के अनुसार आर्थिक मदद दी जाएगी।
असिंचित भूमि में फसल नुकसान पर 8,500 रुपये प्रति हेक्टेयर, सिंचित भूमि के लिए 17,000 रुपये प्रति हेक्टेयर और बारहमासी फसलों के नुकसान पर 22,500 रुपये प्रति हेक्टेयर की सहायता मिलेगी।
सरकार की ओर से धान और गैर-धान फसलों के बीज खरीदने के लिए दी जाने वाली सहायता सीधे किसानों के बैंक खातों में डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से भेजी जाएगी।
इसके अलावा प्रभावित किसानों को मुफ्त सब्जी मिनी-किट उपलब्ध कराए जाएंगे। कीट नियंत्रण के लिए किसानों को 75 प्रतिशत सब्सिडी देने का भी फैसला किया गया है। वहीं, प्रभावित किसानों के अल्पकालिक खरीफ कृषि ऋणों को मध्यम अवधि के ऋणों में बदलने की सुविधा दी जाएगी।
पशुधन और मछली पालन में हुए नुकसान की भी भरपाई
बाढ़ के कारण पशुधन को हुए नुकसान के लिए भी आर्थिक सहायता दी जाएगी। इसके साथ ही नावों, मछली पकड़ने के जाल और तालाबों की मरम्मत के लिए भी सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
बाढ़ में औजारों के नुकसान पर 5,000 रुपये तथा कच्चे माल या तैयार माल के नुकसान पर भी 5,000 रुपये की अलग सहायता देने का प्रावधान किया गया है।
सड़क और सिंचाई व्यवस्था की होगी तत्काल मरम्मत
बाढ़ से क्षतिग्रस्त हुई सड़कों और सिंचाई परियोजनाओं की मरम्मत को प्राथमिकता दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को इनकी तत्काल मरम्मत शुरू करने के निर्देश दिए हैं, ताकि प्रभावित इलाकों में आवागमन और कृषि गतिविधियों को जल्द सामान्य किया जा सके।
बाढ़ प्रभावित परिवारों की तत्काल जरूरतों को देखते हुए सरकार की ओर से पका हुआ भोजन, सूखा राशन, कपड़े और बर्तन खरीदने के लिए सहायता भी उपलब्ध कराई जाएगी।
राहत और पुनर्वास कार्य तेज करने के निर्देश
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने अधिकारियों को राहत एवं पुनर्वास कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि बाढ़ से प्रभावित हर व्यक्ति तक समय पर सहायता पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है।
सरकार का फोकस फिलहाल प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत देने के साथ-साथ किसानों, पशुपालकों और मछली पालन से जुड़े लोगों को हुए नुकसान की भरपाई और बुनियादी ढांचे को जल्द बहाल करने पर है। 1,000 करोड़ रुपये के इस राहत पैकेज से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत और पुनर्वास कार्यों को गति मिलने की उम्मीद है।
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