भुवनेश्वर: ओडिशा में दो महत्वपूर्ण जांच आयोग (कमीशन) की रिपोर्ट गायब होने का मुद्दा इन दिनों राज्य की राजनीति में भूचाल ले आया है. इस संवेदनशील मामले को लेकर सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) और मुख्य विपक्षी दल बीजू जनता दल (BJD) के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर अपने चरम पर पहुंच गया है. बीजेपी द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों पर पलटवार करते हुए बीजद प्रवक्ता लेलिन मोहंती ने शुक्रवार को राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार खुद फाइलों की तलाश करने के बजाय केवल राजनीतिक ड्रामा रच रही है.

एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए बीजद प्रवक्ता लेलिन मोहंती ने सरकार की कार्यप्रणाली पर कड़े सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि गुरुवार को बीजेपी नेताओं ने प्रेस मीट में जो कुछ भी कहा, वह पूरी तरह से मनगढ़ंत और काल्पनिक कहानियों जैसा था. सरकार की कार्यक्षमता और मंशा को कटघरे में खड़ा करते हुए उन्होंने पूछा: “यहाँ सबसे अजीब और हैरान करने वाली बात यह है कि फाइलों के गायब होने का मामला गृह मंत्रालय को पता चलने से पहले ही कानून मंत्रालय के पास कैसे पहुंच गया? कानून मंत्रालय ने इसे पहले कैसे जान लिया?”

लेलिन मोहंती ने रिपोर्ट के पूरी तरह गायब होने के दावों को सिरे से खारिज कर दिया। बीजद की ओर से स्थिति स्पष्ट करते हुए उन्होंने निम्नलिखित महत्वपूर्ण बिंदु सामने रखे: किसी भी जांच आयोग की रिपोर्ट तैयार होते समय उसकी कम से कम दो से तीन हार्ड कॉपियां (प्रतियां) बनाई जाती हैं.

साल 2010 के बाद से राज्य सरकार की सभी महत्वपूर्ण फाइलों को डिजिटल रूप से ‘ओश्वास’ (OSWAS) पोर्टल पर अपलोड और ट्रांसफर किया जाता रहा है. इन स्थापित प्रक्रियाओं के कारण यह पूरी तरह सुनिश्चित है कि इन सभी महत्वपूर्ण रिपोर्ट्स की डिजिटल या सॉफ्ट कॉपी सरकार के सिस्टम में पूरी तरह सुरक्षित है.

बीजेपी सरकार को सीधे तौर पर चुनौती देते हुए लेलिन मोहंती ने कहा कि अगर सरकार के पास इस संबंध में कोई भी आधिकारिक पत्र, दस्तावेज या ठोस सबूत है, तो उसे बिना किसी देरी के तुरंत सार्वजनिक किया जाना चाहिए. जनता के सामने सच लाने के बजाय बीजेपी केवल मूल मुद्दे से ध्यान भटकाने और भ्रामक स्थिति पैदा करने की कोशिश कर रही है.

“फाइलें खोना और रोना ही बीजेपी की उपलब्धि”

प्रेस कॉन्फ्रेंस के अंत में बीजद प्रवक्ता ने सत्तारूढ़ दल पर कड़ा तंज कसते हुए कहा कि ऐसा लगता है जैसे फाइलों को गायब कर देना और फिर उस पर सियासी आंसू बहाना ही बीजेपी सरकार की दो साल की सबसे बड़ी ‘उपलब्धि’ है. बीजद का आरोप है कि राज्य के असल और बुनियादी मुद्दों से आम जनता का ध्यान हटाने के लिए सरकार जानबूझकर ऐसा भ्रम पैदा कर रही है.