ODISHA DESK, भुवनेश्वर: ओडिशा में इस वक्त सूरज की तपिश और भीषण गर्मी (हीटवेव) का दौर जारी है। इस जानलेवा मौसम को देखते हुए राज्य के लोक निर्माण विभाग (Works Department) ने एक बड़ा फैसला लिया है। विभाग ने प्रोजेक्ट की डेडलाइन से ऊपर श्रमिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए सुबह 11 बजे से शाम 3 बजे के बीच सभी प्रकार के बाहरी शारीरिक श्रम (आउटडोर लेबर) पर पूरी तरह से रोक लगा दी है।

रविवार को इंजीनियर-इन-चीफ (ईआईसी) ने राज्य के सभी जोनों के मुख्य निर्माण इंजीनियरों और अधीक्षण इंजीनियरों (Superintending Engineers) को राज्य सरकार के हीटवेव सुरक्षा दिशानिर्देशों का कड़ाई से पालन करने का निर्देश दिया। यह कदम उन मीडिया रिपोर्ट्स के बाद उठाया गया है, जिनमें खुलासा हुआ था कि पहले जारी की गई एडवायजरी के बावजूद कुछ निर्माण स्थलों पर चिलचिलाती धूप में भी मजदूरों से काम कराया जा रहा था।

नए सरकारी आदेश के तहत ठेकेदारों को प्रतिबंधित घंटों के दौरान काम तुरंत रोकने की हिदायत दी गई है। इसके साथ ही कार्यस्थलों पर छायादार शेड, पीने का साफ पानी और प्राथमिक चिकित्सा (फर्स्ट-एड) की सुविधाएं अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराने को कहा गया है। अधिकारियों ने साफ किया है कि गर्मियों के इस मौसम में श्रमिकों की सेहत और सुरक्षा ही सबसे पहली प्राथमिकता होनी चाहिए।

मैदानी स्तर पर तैनात अधिकारियों को नियमों के पालन की निगरानी करने और श्रमिकों व ठेकेदारों के बीच जागरूकता फैलाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है ताकि हीट स्ट्रोक और लू से होने वाली बीमारियों से बचा जा सके। विभाग ने चेतावनी दी है कि इस मामले में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी, क्योंकि अत्यधिक तापमान के संपर्क में रहने से डिहाइड्रेशन, हीट स्ट्रेस और यहाँ तक कि जान भी जा सकती है।

इन सख्त उपायों को लागू करके सरकार का उद्देश्य हजारों निर्माण श्रमिकों को भीषण धूप के प्रकोप से बचाना है, ताकि राज्य का विकास इंसानी जान की कीमत पर न हो।

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