रांची। जाति, आय, आवासीय और ईडब्ल्यूएस प्रमाणपत्र बनवाने में ऑनलाइन पोर्टल की तकनीकी समस्या अब लोगों के लिए परेशानी नहीं बनेगी। झारखंड सरकार ने इन प्रमाणपत्रों के लिए अगले तीन महीने तक ऑनलाइन के साथ ऑफलाइन आवेदन की सुविधा भी शुरू कर दी है। नई व्यवस्था गुरुवार से प्रभावी हो गई है।
पोर्टल में दिक्कत होने पर कर सकेंगे ऑफलाइन आवेदन
कार्मिक, प्रशासनिक सुधार एवं राजभाषा विभाग ने सभी जिलों के उपायुक्तों को इस संबंध में निर्देश जारी किया है। वेबसाइट या लिंक काम नहीं करने, तकनीकी समस्या आने अथवा ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ने की स्थिति में लोग संबंधित कार्यालय में ऑफलाइन आवेदन जमा कर सकेंगे।
इस फैसले से नौकरी, कॉलेज में दाखिला, छात्रवृत्ति, आरक्षण और विभिन्न सरकारी योजनाओं के लिए जरूरी प्रमाणपत्र समय पर हासिल करने में लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है।
लंबित आवेदनों के निपटारे के लिए चलेगा अभियान
सरकार ने जिलों में पहले से लंबित आवेदनों की अभियान चलाकर जांच करने का निर्देश दिया है। पात्रता और निर्धारित मानकों को पूरा करने वाले आवेदकों को नियमानुसार प्रमाणपत्र जारी किया जाएगा।ऑफलाइन माध्यम से जारी प्रमाणपत्रों का विवरण बाद में ऑनलाइन सिस्टम में भी दर्ज किया जाएगा, ताकि उनका डिजिटल रिकॉर्ड सुरक्षित रहे।
उपायुक्त करेंगे पूरी प्रक्रिया की निगरानी
जिला उपायुक्तों को प्रमाणपत्र जारी करने की पूरी प्रक्रिया की नियमित निगरानी करने का निर्देश दिया गया है। जिलों को लंबित आवेदनों, निपटाये गये मामलों और जारी प्रमाणपत्रों की जानकारी विभाग को उपलब्ध करानी होगी।
2022 में जाति प्रमाणपत्र के लिए थी ऑफलाइन व्यवस्था
जाति प्रमाणपत्र के लिए ऑफलाइन आवेदन की व्यवस्था पहले से लागू थी। 22 फरवरी 2022 के आदेश के तहत बिजली कटौती, लिंक फेल होने या अन्य तकनीकी समस्याओं की स्थिति में ऑफलाइन माध्यम से जाति प्रमाणपत्र जारी करने की अनुमति दी गई थी।अब सरकार ने इस व्यवस्था का दायरा बढ़ाते हुए आय, आवासीय और ईडब्ल्यूएस प्रमाणपत्रों को भी अगले तीन महीने के लिए इसमें शामिल कर दिया है।
पोर्टल की तकनीकी खामी से नहीं रुकेगा जरूरी काम
सरकार के इस फैसले का उद्देश्य ऑनलाइन व्यवस्था में तकनीकी कारणों से आवेदन और प्रमाणपत्र जारी होने में आ रही देरी को दूर करना है। नई व्यवस्था से पात्र आवेदकों को केवल पोर्टल की तकनीकी समस्या के कारण जरूरी प्रमाणपत्र के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा।


