चंडीगढ़ में नियमों के उल्लंघन और शिकायतों के चलते ट्रांसपोर्ट विभाग ने ओला कैब का लाइसेंस 6 महीने के लिए सस्पेंड कर दिया है। अब शहर में ओला सेवा पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी।
चंडीगढ़। ओला कैब सेवा का उपयोग करने वाले यात्रियों के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है। चंडीगढ़ ट्रांसपोर्ट विभाग ने ओला कंपनी का एग्रीगेटर लाइसेंस तत्काल प्रभाव से छह महीने के लिए निलंबित कर दिया है। इस कड़े फैसले के कारण अब ओला प्लेटफॉर्म के जरिए शहर में किसी भी प्रकार की कैब या बाइक टैक्सी की बुकिंग नहीं हो सकेगी। विभाग के इस कदम से ओला की सेवाओं पर पूरी तरह से विराम लग गया है। यह फैसला लंबे समय से कंपनी के खिलाफ मिल रही विभिन्न शिकायतों और सरकारी नियमों के कथित उल्लंघन के बाद लिया गया है, जिससे ओला के ऑपरेशन्स पर बड़ा संकट खड़ा हो गया है।

नियमों के उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई
परिवहन विभाग द्वारा जारी आधिकारिक आदेशों के मुताबिक, ओला कंपनी लंबे समय से ड्राइवरों के बीमा, आवश्यक ट्रेनिंग, निर्धारित किराया नियमों और अन्य अनिवार्य शर्तों का पालन नहीं कर रही थी। कंपनी को बार-बार नोटिस जारी किए गए और अपना पक्ष रखने के लिए पर्याप्त मौका भी दिया गया, लेकिन प्रबंधन ने तय समय सीमा के भीतर संतोषजनक जानकारी और रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं की। इसके अलावा, विभाग को यह भी पता चला कि ओला ने अपना स्थानीय कार्यालय बिना किसी पूर्व सूचना या अनुमति के स्थानांतरित कर लिया था। इन सभी गंभीर अनियमिताओं को आधार बनाते हुए विभाग ने लाइसेंस सस्पेंड करने का निर्णय लिया है।
प्रतिबंध तोड़ने पर वाहन होगा जब्त
ट्रांसपोर्ट विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि प्रतिबंध की अवधि के दौरान कोई भी ड्राइवर ओला ऐप के जरिए सवारी नहीं ले पाएगा। विभाग ने चेतावनी दी है कि यदि कोई भी वाहन ओला ऐप का उपयोग करते हुए पकड़ा गया, तो उसका भारी चालान किया जाएगा और गाड़ी को तुरंत प्रभाव से जब्त कर लिया जाएगा। यह प्रतिबंध फिलहाल अगले छह महीने तक लागू रहेगा, हालांकि सक्षम प्राधिकारी के विशेष आदेशों पर इसमें भविष्य में बदलाव संभव है। विभाग की टीमें शहर में लगातार निगरानी रखेंगी। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे असुविधा से बचने के लिए अन्य अधिकृत कैब सेवाओं का उपयोग करें।

