गाजीपुर. उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा सियासी हमला बोला है. गाजीपुर में नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम में पहुंचे राजभर ने अखिलेश के खुद को भगवान कृष्ण का वंशज बताए जाने वाले दावे पर भी तंज कसा.

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राजभर ने कहा कि अगर अखिलेश यादव वास्तव में भगवान कृष्ण के वंशज होते तो कृष्ण को लेकर अभद्र टिप्पणी करने वाले मौलाना के खिलाफ खुलकर खड़े होते. उन्होंने अखिलेश यादव पर अपनी पत्नी के सम्मान के मुद्दे पर भी निशाना साधा और कहा कि जो अपनी पत्नी के साथ खड़ा नहीं हो सकता, वह प्रदेश की महिलाओं के साथ कैसे खड़ा होगा.

‘अखिलेश के सिर पर खिलेगा कमल?’

मीडिया ने राजभर से अखिलेश यादव के उस बयान पर सवाल किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि अब कमल कीचड़ में नहीं खिलेगा. इस पर राजभर ने तंज करते हुए पूछा- ‘क्या उनके सिर पर खिलेगा?’ राजभर ने अखिलेश पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें लगता है कि सपा अध्यक्ष अपना मानसिक संतुलन खो बैठे हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव सरकार और भाजपा पर लगातार बयानबाजी कर रहे हैं, लेकिन अपने आसपास के विवादित बयानों पर स्पष्ट रुख नहीं अपनाते.

‘कृष्ण के वंशज होते तो मौलाना पर चढ़ बैठते’

अखिलेश यादव के खुद को भगवान कृष्ण का वंशज बताने के दावे पर राजभर ने कहा कि जब एक मौलाना ने भगवान कृष्ण को लेकर कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी, तब अखिलेश यादव ने चुप्पी साधे रखी. राजभर ने कहा, ‘अगर हम कृष्ण के वंशज होते तो मौलाना को पटककर चढ़ बैठते.’ उन्होंने इसी संदर्भ में अखिलेश की पत्नी को लेकर की गई कथित अभद्र टिप्पणी का भी जिक्र किया और कहा कि अखिलेश को ऐसे मामलों में अपनी पत्नी के साथ खड़ा होना चाहिए था.

‘जो पत्नी के साथ नहीं, वह महिलाओं के साथ क्या खड़े होंगे?’

राजभर ने कहा कि अगर कोई व्यक्ति अपनी पत्नी के सम्मान के लिए आवाज नहीं उठा सकता तो उसके प्रदेश की महिलाओं के हित में खड़े होने पर सवाल उठना स्वाभाविक है. उन्होंने कहा कि महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा के मुद्दे पर राजनीति नहीं, बल्कि स्पष्ट रुख जरूरी है. राजभर के इन बयानों को सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के खिलाफ भाजपा सरकार की ओर से लगातार किए जा रहे राजनीतिक हमलों की कड़ी के तौर पर देखा जा रहा है.

मोहन भागवत के विरोध पर बोले- ‘विरोध से आंदोलन तेज होता है’

मीडिया ने अमेरिका में RSS प्रमुख मोहन भागवत के विरोध से जुड़े सवाल पर भी राजभर से प्रतिक्रिया मांगी. उन्होंने कहा कि ‘वो नेता ही कैसा, जिसका विरोध न हो.’ राजभर ने कहा कि किसी नेता का विरोध होना असामान्य नहीं है. उनके मुताबिक विरोध होने पर आंदोलन और ज्यादा मजबूत तथा तेज होता है.

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वहीं सोनिया गांधी की किताब नहीं छपने के सवाल पर राजभर ने कहा कि किताब छापने से उन्हें किसने रोका है. उन्होंने तंज करते हुए कहा कि किताब छापकर बांटें, क्या वे चाहते हैं कि प्रधानमंत्री उनकी किताब छपवाकर दें?