विनोद सैनी हिसार। हरियाणा के हिसार जिले के गांव सतरोड़ कलां के पूर्व सरपंच नरेश पूनिया ने अपने दोनों बेटों अजय-अंजू और विजय-स्वीटी की रिंग सेरेमनी मात्र एक रुपये में संपन्न कर समाज के सामने दहेज मुक्त विवाह की मिसाल पेश की। हिसार-तोशाम रोड स्थित रॉयल पॉल रिसोर्ट में आयोजित समारोह के दौरान उन्होंने कहा कि “बहू बनकर आने वाली बेटियां ही हमारी सबसे बड़ी दौलत हैं, इससे बड़ा कोई दहेज नहीं हो सकता।”
समारोह में बड़ी संख्या में ग्रामीण, रिश्तेदार और मित्र शामिल हुए। इस दौरान दोनों बेटों ने पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लेते हुए अधिक से अधिक पौधे लगाने और प्रकृति की रक्षा का संदेश भी दिया। परिवार के सदस्य खुशी के माहौल में समारोह का हिस्सा बने।
नरेश पूनिया ने कहा कि उनके परिवार को किसी प्रकार के दहेज, शगुन या उपहार की जरूरत नहीं है, केवल सम्मान चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि बेटों की शादी में भी किसी प्रकार का दहेज स्वीकार नहीं किया जाएगा। उनका मानना है कि बेटियों का सम्मान ही सबसे बड़ा सम्मान है और समाज को दहेज जैसी कुरीतियों से दूर रहना चाहिए।
उन्होंने बताया कि विवाह की तिथि अभी तय नहीं हुई है। शादी के समय दोनों बेटे पारंपरिक सात फेरों के साथ कन्या भ्रूण हत्या के विरोध और ‘बेटी बचाओ’ अभियान के समर्थन में एक प्रतीकात्मक आठवां फेरा भी लेंगे।
पूर्व सरपंच ने लोगों से विवाह समारोह सादगी से मनाने, फिजूलखर्ची छोड़ने और बेटियों को शिक्षित व आत्मनिर्भर बनाने की अपील की। उनकी इस पहल की क्षेत्रभर में सराहना हो रही है और इसे दहेज मुक्त समाज, बेटी सम्मान तथा पर्यावरण संरक्षण की दिशा में प्रेरणादायक कदम माना जा रहा।
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