दिल्ली में प्याज की बढ़ती कीमतों से आम लोगों को राहत देने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाने की तैयारी की है। राजधानी में प्याज 35 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से उपलब्ध कराया जाएगा। यह मौजूदा औसत खुदरा कीमत से करीब 36 फीसदी कम है। दिल्ली के कई इलाकों में प्याज की कीमत 70 रुपये प्रति किलो से अधिक पहुंच चुकी है। प्याज की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए केंद्र सरकार महाराष्ट्र से प्याज का स्टॉक दिल्ली मंगा रही है। महाराष्ट्र देश के प्रमुख प्याज उत्पादक राज्यों में शामिल है। केंद्र सरकार ने कीमतों में अचानक बढ़ोतरी से निपटने के लिए प्याज का बफर स्टॉक तैयार रखा है। दिल्ली के लिए प्याज की 800 टन की पहली खेप बुधवार को ‘कांदा एक्सप्रेस’ (Kanda Express) के जरिए राजधानी पहुंचेगी। इसके बाद प्याज को अलग-अलग स्थानों पर निर्धारित दर पर उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी।

दिल्ली में चीनी और प्याज की कीमतों में बढ़ोतरी की आशंका के बीच सरकार ने इनके दाम और उपलब्धता पर निगरानी बढ़ाने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता (Rekha Gupta) ने अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक में बाजार की स्थिति और संभावित कीमतों पर चर्चा की। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि चीनी और प्याज की कीमतों पर लगातार नजर रखी जाए। अगर बाजार में इनके दाम बढ़ते हैं या उपलब्धता प्रभावित होती है, तो सरकार NAFED से चीनी और प्याज खरीदकर दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में उपलब्ध कराएगी। सरकार ने कीमतों में कृत्रिम बढ़ोतरी करने के लिए जमाखोरी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी है। अधिकारियों को बाजार में स्टॉक और कीमतों की स्थिति पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी तरह की अनियमितता होने पर समय रहते कार्रवाई की जा सके। CM रेखा गुप्ता ने अधिकारियों के साथ हुई समीक्षा बैठक में राजधानी में चीनी और प्याज की उपलब्धता और मौजूदा कीमतों की स्थिति का जायजा लिया। NAFED से खरीदी कीमत पर होगी बिक्री

मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान के मुताबिक, दाम बढ़ने पर दिल्ली सरकार NAFED से प्याज और चीनी की खरीद करेगी। इसके बाद राजधानी के अलग-अलग इलाकों में इनकी उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी।सरकार के मुताबिक, NAFED से खरीदी गई चीनी और प्याज को उसी कीमत पर बेचा जाएगा, जिस कीमत पर सरकार ने इन्हें खरीदा होगा। यानी सरकार इन वस्तुओं की कीमत में अपना कोई अतिरिक्त मार्जिन नहीं जोड़ेगी। इन वस्तुओं को दिल्ली के अलग-अलग हिस्सों तक पहुंचाने में होने वाले परिवहन और अन्य संबंधित खर्च का वहन दिल्ली सरकार खुद करेगी। इससे खरीदी और बिक्री की कीमत के बीच अतिरिक्त लागत का बोझ उपभोक्ताओं पर नहीं पड़ेगा।

800 टन प्याज लेकर दिल्ली पहुंचेगी ‘कांदा एक्सप्रेस’

प्याज की बढ़ती कीमतों से आम लोगों को राहत देने के लिए केंद्र सरकार ने बफर स्टॉक जारी करने का फैसला किया है। ‘कांदा एक्सप्रेस’ करीब 800 टन प्याज लेकर दिल्ली पहुंचेगी, जिसे NAFED, NCCF और केंद्रीय भंडार के स्टोर के जरिए 35 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से बेचा जाएगा। उपभोक्ता मामलों की सचिव निधि खरे ने मंगलवार को सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि महाराष्ट्र के नासिक में रखा गया बफर स्टॉक प्याज की कीमतों में बढ़ोतरी को नियंत्रित करने के लिए खपत वाले प्रमुख केंद्रों तक पहुंचाया जा रहा है।

दिल्ली के अलावा बड़ी मात्रा में प्याज को विशेष रेलवे रैक के जरिए चेन्नई, एर्नाकुलम, मदुरै और गुवाहाटी भी भेजा जा रहा है। इन शहरों में भी प्याज की बढ़ती कीमतों पर नियंत्रण के लिए बफर स्टॉक का इस्तेमाल किया जाएगा। उपभोक्ता मामलों के विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, प्याज की अखिल भारतीय औसत खुदरा कीमत 25 अगस्त को 44.72 रुपये प्रति किलो पहुंच गई। 25 जुलाई को यह कीमत 34.80 रुपये प्रति किलो थी। यानी एक महीने में प्याज के दाम में 28 फीसदी से अधिक की बढ़ोतरी हुई है। वहीं, एक साल पहले 25 अगस्त को प्याज की औसत कीमत 28.67 रुपये प्रति किलो थी। इस लिहाज से एक साल में कीमत करीब 56 फीसदी बढ़ चुकी है।

दिल्ली की थोक मंडी में प्याज के दाम दोगुने

दिल्ली में प्याज की बढ़ती कीमतों के बीच अब थोक बाजार में भी दाम दोगुने हो गए हैं। महाराष्ट्र में लगातार बारिश के कारण प्याज के परिवहन और दिल्ली तक आवक प्रभावित होने से आजादपुर मंडी में प्याज की कीमतों पर दबाव बढ़ गया है। सीमित स्टॉक के चलते थोक भाव करीब 25 रुपये से बढ़कर 50 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया है। आजादपुर मंडी के सब्जी थोक व्यापारी संजय भगत के मुताबिक, महाराष्ट्र में बारिश के कारण प्याज के परिवहन और दिल्ली तक इसकी आवाजाही में दिक्कत आ रही है। इसके चलते मंडी में स्टॉक सीमित हो गया है और कीमतों में तेजी देखने को मिल रही है। थोक बाजार में दाम बढ़ने का सीधा असर खुदरा बाजार पर भी दिखाई दे रहा है। सप्लाई में कमी को पूरा करने के लिए व्यापारी अलवर और दक्षिणी राज्यों समेत दूसरे इलाकों से भी प्याज दिल्ली ला रहे हैं। हालांकि, इन क्षेत्रों से भी पर्याप्त आपूर्ति नहीं हो पा रही है। इसकी वजह वहां नई फसल का इंतजार किया जाना बताया जा रहा है। आजादपुर सब्जी मंडी के महासचिव अनिल ने बताया कि महाराष्ट्र से प्याज की आवक में रुकावट के कारण दिल्ली के बाजार में आपूर्ति पर दबाव बढ़ा है। महाराष्ट्र से आने वाली खेप प्रभावित होने के चलते मंडियों में उपलब्ध स्टॉक कम हुआ है, जिसका असर कीमतों पर पड़ रहा है।

जमाखोरी पर होगी सख्त कार्रवाई

दिल्ली में चीनी और प्याज की कीमतों में कृत्रिम बढ़ोतरी रोकने के लिए सरकार ने जमाखोरी के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अधिकारियों को बाजार में दोनों आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता और कीमतों की लगातार निगरानी करने के निर्देश दिए हैं। सरकार की नजर इस बात पर भी रहेगी कि कहीं व्यापारी जानबूझकर स्टॉक जमा कर बाजार में कमी पैदा करने या कीमत बढ़ाने की कोशिश तो नहीं कर रहे हैं। ऐसी स्थिति सामने आने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। खाद्य आपूर्ति मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि सरकार प्याज और चीनी की बढ़ती कीमतों का बोझ दिल्ली के लोगों पर नहीं पड़ने देगी। उन्होंने कहा कि बाजार की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और जरूरत पड़ने पर सरकार हस्तक्षेप करेगी।

फिलहाल चीनी-प्याज की कमी नहीं

दिल्ली में फिलहाल चीनी और प्याज की पर्याप्त उपलब्धता बनी हुई है। अधिकारियों के मुताबिक, राजधानी में दोनों वस्तुओं की कोई तत्काल कमी नहीं है। ऐसे में सरकार की ओर से अभी बाजार में हस्तक्षेप करने की जरूरत नहीं है। सरकार का हस्तक्षेप कीमतों में संभावित बढ़ोतरी की स्थिति में किया जाएगा। यदि प्याज और चीनी के दाम तेजी से बढ़ते हैं तो दिल्ली सरकार NAFED से इनकी खरीद कर राजधानी के अलग-अलग इलाकों में उपलब्ध करा सकती है।

Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m