Bihar News: पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 3-3 रुपए की हुई बढ़ोतरी के बाद विपक्ष लगातार केंद्र की मोदी सरकार पर हमलावर है। विपक्षी नेताओं ने पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव के खत्म होने के बाद ही महंगाई बढ़ाने का आरोप लगाया है। विपक्ष का कहना है कि जनता पहले से ही महंगी गैस और बिजली बिल से परेशान है, अब पेट्रोल-डीजल की कीमतें आम आदमी की कमर तोड़ रही है। इस बीच पूर्णिया सांसद पप्पू यादव और लालू यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने भी केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है।
सवाल सिर्फ 3 रुपये की बढ़ोत्तरी का नहीं- रोहिणी
रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा- सवाल सिर्फ 3 रुपये की बढ़ोत्तरी का नहीं, लगातार बढ़ती महंगाई के बोझ का है। उन्होंने कहा कि, मोदी सरकार की मेहरबानी से अब “तेल निकलना” महज मुहावरा नहीं बल्कि आम जनता के लिए रोज की कहानी है l जब पेट्रोल – डीजल महंगा होता है तो सबसे ज्यादा बोझ रोज़ कमाने-खाने वालों , आम जनता पर पड़ता है, मगर प्रधानमंत्री जी और धन्ना सेठों के इशारे पर काम करने वाली उनकी सरकार को आम जनता की दुश्वारी से कोई फर्क नहीं पड़ता है।
भाषणों में अच्छे दिन अब भी जारी- रोहिणी
रोहिणी आचार्य ने कहा- पिछले 12 सालों से आलम कुछ ऐसा है कि, जनता की जेब खाली हो रही है , मगर भाषणों में ‘अच्छे दिन’ अब भी जारी हैं।” बढती महंगाई की वाजिब वजह बताने से बचने वाले प्रधानमंत्री और उनकी सरकार में शामिल लोगों के मुंह से महंगाई के बारे में बहाने ही ज्यादा सुनने को मिलते हैं।
चुनाव खत्म होते ही शुरू हुआ खेल- पप्पू यादव
वहीं, पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, डीजल-पेट्रोल की कीमत बढ़ाने का खेल बस शुरू हुआ है, चुनाव खत्म…जनता का जेब काटना चालू! सांसद ने कहा कि, जब तक किसी चुनाव की प्रक्रिया शुरू नहीं होगी। यह चलता रहेगा, बस वोट के लिए रोकेंगे। बाकी उसके बाद निरंतर चोट करेंगे।
पीएम मोदी ने की थी ईंधन बचत करने की अपील
गौरतलब है कि पिछले दिनों पीएम मोदी ने देशवासियों से ईंधन के बचत करने हेतु अपील की थी। उन्होंने लोगों से पर्सनल गाड़ियों की बजाय ट्रांसपोर्ट सेवाओं का उपयोग करने की अपील की थी। वहीं, संस्थानों को वर्क फ्रॉम होम काम कराने की अपील की थी। पीएम मोदी की इस अपील का असर आम लोगों के साथ बिहार में नेताओं और मंत्रियों पर भी देखने को मिल रहा है। सीएम सम्राट चौधरी समेत कई नेताओं और मंत्रियों ने अपने काफिले में कटौती की है। वहीं, कई नेता तो ट्रेन और ऑटो रिक्शा से सफर करते नजर आएं।
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