करनाल सिविल अस्पताल में अब ऑर्थोडॉन्टिक्स (ब्रेसेस) की सुविधा शुरू कर दी गई है। मरीजों को दांतों के इलाज के लिए अब दूसरे शहरों में नहीं जाना पड़ेगा।

लक्ष्य वर्मा, करनाल। जनसामान्य को बेहतर दंत चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से करनाल के सिविल अस्पताल में ऑर्थोडॉन्टिक्स (ब्रेसेस एवं दांतों की सीधाई) सेवाएं आधिकारिक रूप से प्रारंभ कर दी गई हैं। अब क्षेत्र के नागरिकों को दांतों से जुड़ी जटिल समस्याओं के लिए निजी अस्पतालों या अन्य शहरों का रुख करने की आवश्यकता नहीं होगी। अस्पताल प्रशासन ने इस नई सुविधा के माध्यम से बच्चों, किशोरों और वयस्कों के लिए आधुनिक उपचार के द्वार खोल दिए हैं। ऑर्थोडॉन्टिक्स सेवाएं शुरू होने से अब टेढ़े-मेढ़े दांतों, दांतों के बीच रिक्त स्थान और जबड़ों की असामान्य बनावट का विशेषज्ञ परामर्श एवं सटीक उपचार स्थानीय स्तर पर ही सुलभ हो गया है।

दांतों के इलाज की मिलेगी सुविधा

इन नई सेवाओं के अंतर्गत अब मरीजों को विशेष दंत विशेषज्ञों की देखरेख में ब्रेसेस और अलाइनमेंट का इलाज प्रदान किया जाएगा। अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि यह पहल मरीजों के समय और आर्थिक खर्च को बचाने में सहायक सिद्ध होगी। सिविल अस्पताल करनाल अपनी सेवाओं को निरंतर विस्तार देने और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। आधुनिक दंत चिकित्सा उपकरणों से लैस यह विभाग अब पूरी तरह सक्रिय है, जिससे मरीजों को जटिल से जटिल दंत समस्याओं का समाधान अस्पताल परिसर में ही प्राप्त हो सकेगा। इस सेवा के विस्तार से क्षेत्रवासियों में खुशी का माहौल है, क्योंकि इससे सरकारी स्वास्थ्य तंत्र और अधिक सक्षम हुआ है।

मौखिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता जरूरी

सिविल सर्जन डॉ. पूनम चौधरी ने इस अवसर पर नियमित दंत जांच के महत्व को रेखांकित करते हुए नागरिकों से सतर्क रहने की अपील की है। उन्होंने कहा कि उचित मौखिक स्वच्छता बनाए रखने और मुख कैंसर की समय पर स्क्रीनिंग कराने से बीमारियों को गंभीर होने से रोका जा सकता है। डॉ. चौधरी ने जोर देकर कहा कि दंत रोगों की शीघ्र पहचान ही उनके प्रभावी उपचार का मूल मंत्र है। उन्होंने नागरिकों को सलाह दी कि वे अपने दांतों की स्वास्थ्य समस्याओं को नजरअंदाज न करें और समय-समय पर अस्पताल में उपलब्ध दंत विशेषज्ञों से परामर्श लें। प्रशासन का प्रयास है कि भविष्य में भी इसी तरह की अन्य आधुनिक स्वास्थ्य सेवाएं निरंतर शुरू की जाएं।