दिल्ली सरकार की महत्वाकांक्षी दिल्ली लक्ष्मी योजना (Delhi Lakshmi Yojana) को महिलाओं का शुरुआती दौर में ही बड़ा समर्थन मिलता दिखाई दे रहा है। योजना का ऑनलाइन पोर्टल (Online Portel) शुरू होने के महज 4 दिनों के भीतर पंजीकरण का आंकड़ा 5 लाख के पार पहुंच गया है। इससे साफ है कि योजना को लेकर महिलाओं में काफी उत्साह है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, शनिवार तक 5,14,460 महिलाओं ने पोर्टल पर अपना पंजीकरण कराया था। इनमें से 2,18,728 आवेदनों को लाभार्थियों द्वारा पूरी प्रक्रिया पूरी करने के बाद अंतिम रूप से सबमिट भी कर दिया गया है। यानी बड़ी संख्या में महिलाएं न केवल योजना में रुचि दिखा रही हैं, बल्कि आवेदन प्रक्रिया भी पूरी कर रही हैं।
पोर्टल के आंकड़ों के अनुसार, कुल पंजीकृत महिलाओं में से 4,36,316 महिलाओं ने अपना जिला या विधानसभा क्षेत्र दर्ज कर दिया है। वहीं 78,144 महिलाएं ऐसी हैं, जिन्होंने प्रारंभिक पंजीकरण तो कर लिया है, लेकिन अभी तक जिला या विधानसभा क्षेत्र संबंधी जानकारी पोर्टल पर अपडेट नहीं की है।यही कारण है कि सरकार के सामने अब केवल नए आवेदकों को जोड़ने की चुनौती नहीं है, बल्कि पहले से पंजीकृत महिलाओं को आवेदन प्रक्रिया पूरी कराने का भी बड़ा दायित्व है। अधिकारियों का मानना है कि यदि अधूरे आवेदन समय पर पूरे नहीं किए गए तो कई पात्र महिलाएं योजना के लाभ से वंचित रह सकती हैं।
रक्षाबंधन पर पहली किस्त देने की तैयारी
दिल्ली सरकार की दिल्ली लक्ष्मी योजना के तहत पात्र महिलाओं को पहली किस्त रक्षाबंधन के अवसर पर जारी करने की तैयारी की जा रही है। सरकार का लक्ष्य है कि आवेदन प्रक्रिया पूरी करने और पात्रता सत्यापन के बाद योग्य महिलाओं के खातों में समय पर राशि पहुंचाई जाए। अधिकारियों के अनुसार, पहली किस्त जारी करने के लिए लाभार्थियों का पंजीकरण, दस्तावेज सत्यापन और अन्य आवश्यक औपचारिकताओं का पूरा होना जरूरी है। यही वजह है कि सरकार अधूरे आवेदनों को जल्द पूरा कराने और पात्रता संबंधी जानकारी को अपडेट करने पर विशेष जोर दे रही है।
अब तक योजना के लिए 5,14,460 से अधिक महिलाओं ने पंजीकरण कराया है, जबकि 2,18,728 आवेदनों को अंतिम रूप से जमा किया जा चुका है। सरकार का मानना है कि आने वाले दिनों में यह संख्या और बढ़ेगी तथा अधिक से अधिक महिलाओं की आवेदन प्रक्रिया पूरी हो सकेगी। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा है कि सरकार यह सुनिश्चित करने का प्रयास कर रही है कि योजना का लाभ प्रत्येक पात्र महिला तक पूरी पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ पहुंचे। उन्होंने अधिकारियों को आवेदन सत्यापन और लाभ वितरण की प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए हैं।
उत्तर-पूर्वी दिल्ली में सबसे ज्यादा पंजीकरण, उत्तर-पश्चिमी जिला दूसरे स्थान पर
पोर्टल के ताजा आंकड़ों के अनुसार, इस जिले में सबसे अधिक महिलाओं ने योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू की है। जिलेवार आंकड़ों के मुताबिक, उत्तर-पूर्वी दिल्ली में अब तक 73,676 महिलाओं ने पंजीकरण कराया है। इनमें से 38,579 आवेदनों को अंतिम रूप से जमा भी कर दिया गया है, जो सभी जिलों में सबसे अधिक है।
वहीं उत्तर-पश्चिमी दिल्ली पंजीकरण के मामले में दूसरे स्थान पर है। यहां 55,700 महिलाओं ने रजिस्ट्रेशन कराया है, जबकि 34,545 आवेदनों को फाइनल सबमिट किया जा चुका है। यह दर्शाता है कि इस जिले में भी महिलाओं की योजना में बड़ी भागीदारी रही है। पश्चिमी दिल्ली में 44,358 महिलाओं ने पंजीकरण कराया है। इनमें से 18,967 महिलाओं ने आवेदन प्रक्रिया पूरी कर अंतिम आवेदन जमा किया है। वहीं दक्षिण-पश्चिमी दिल्ली में 44,149 पंजीकरण दर्ज किए गए हैं, जिनमें से 23,994 आवेदनों को अंतिम रूप से जमा किया जा चुका है।
हजारों आवेदन पहुंचे अंतिम चरण में
उत्तर-पूर्वी और उत्तर-पश्चिमी दिल्ली के बाद अन्य जिलों में भी बड़ी संख्या में महिलाओं ने योजना के लिए पंजीकरण कराया है और हजारों आवेदन अंतिम चरण तक पहुंच चुके हैं। जिलेवार आंकड़ों के अनुसार, बाहरी उत्तर (आउटर नॉर्थ) दिल्ली में 39,401 महिलाओं ने पंजीकरण कराया है। इनमें से 23,694 आवेदनों को अंतिम रूप से जमा किया जा चुका है, जो इस जिले में योजना के प्रति मजबूत भागीदारी को दर्शाता है। वहीं दक्षिण-पूर्वी दिल्ली में 38,979 महिलाओं ने रजिस्ट्रेशन कराया है, जबकि 18,725 महिलाओं ने आवेदन प्रक्रिया पूरी कर अंतिम आवेदन जमा किया है। उत्तरी दिल्ली में अब तक 37,263 पंजीकरण दर्ज किए गए हैं। इनमें से 16,074 आवेदन अंतिम रूप से सबमिट किए जा चुके हैं। इसी तरह पूर्वी दिल्ली में 30,621 महिलाओं ने योजना के लिए पंजीकरण कराया, जबकि 14,771 आवेदनों को अंतिम रूप से जमा किया गया है।
दक्षिणी दिल्ली में 26 हजार से ज्यादा पंजीकरण, नई दिल्ली जिले में सबसे कम आवेदन
ताजा आंकड़ों के अनुसार, उत्तर-पूर्वी दिल्ली सबसे आगे है, जबकि नई दिल्ली जिला सबसे पीछे है। दक्षिणी दिल्ली में अब तक 26,316 महिलाओं ने योजना के लिए पंजीकरण कराया है। इनमें से 11,000 आवेदन अंतिम चरण तक पहुंच चुके हैं और सफलतापूर्वक जमा किए जा चुके हैं। वहीं मध्य-उत्तरी (सेंट्रल नॉर्थ) जिले में 14,279 पंजीकरण दर्ज किए गए हैं, जिनमें से 6,332 आवेदन फाइनल सबमिट किए गए हैं। मध्य दिल्ली में 13,715 महिलाओं ने पंजीकरण कराया है और 4,208 आवेदन अंतिम रूप से जमा हो चुके हैं। पुरानी दिल्ली (ओल्ड दिल्ली) जिले में 12,286 महिलाओं ने रजिस्ट्रेशन कराया है। इनमें से 6,038 महिलाओं ने आवेदन प्रक्रिया पूरी कर अंतिम आवेदन जमा किया है।
दूसरी ओर, नई दिल्ली जिला पंजीकरण के मामले में सबसे नीचे है। यहां अब तक केवल 5,573 महिलाओं ने योजना के लिए पंजीकरण कराया है, जबकि 1,801 आवेदन अंतिम रूप से जमा किए गए हैं। जिलावार आंकड़ों के अनुसार, उत्तर-पूर्वी दिल्ली में सबसे अधिक 73,676 पंजीकरण दर्ज किए गए हैं और 38,579 आवेदन अंतिम रूप से जमा हुए हैं। वहीं नई दिल्ली जिला सबसे कम 5,573 पंजीकरण के साथ सूची में सबसे नीचे है।
महिलाओं को हर महीने मिलेंगे 2500 रुपये
दिल्ली सरकार की दिल्ली लक्ष्मी योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने 2,500 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। सरकार ने इस योजना को केवल नकद सहायता तक सीमित नहीं रखा है, बल्कि महिलाओं में बचत की आदत को बढ़ावा देने के लिए विशेष वित्तीय व्यवस्था भी बनाई है। योजना के तहत लाभार्थी महिलाओं को दो विकल्प दिए जाएंगे। पहले विकल्प में हर महीने मिलने वाली 2,500 रुपये की सहायता राशि में से 1,000 रुपये सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (CBDC) वॉलेट में जमा किए जाएंगे। इस राशि का उपयोग महिलाएं अपनी रोजमर्रा की जरूरतों और आवश्यक खर्चों के लिए कर सकेंगी। वहीं शेष 1,500 रुपये रिकरिंग डिपॉजिट (RD) या फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) में जमा किए जाएंगे, जिससे उनकी नियमित बचत सुनिश्चित हो सके।दूसरे विकल्प के तहत लाभार्थी महिलाएं पूरी 2,500 रुपये की राशि RD या FD में जमा कराने का विकल्प चुन सकेंगी। इस व्यवस्था का उद्देश्य महिलाओं को दीर्घकालिक वित्तीय सुरक्षा प्रदान करना और भविष्य के लिए बचत को प्रोत्साहित करना है।
दिल्ली सरकार का कहना है कि योजना का मकसद केवल आर्थिक सहायता देना नहीं, बल्कि महिलाओं को वित्तीय रूप से अधिक सशक्त और आत्मनिर्भर बनाना भी है। नियमित बचत के माध्यम से महिलाएं भविष्य की जरूरतों, बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य संबंधी खर्चों और अन्य आर्थिक चुनौतियों के लिए बेहतर तैयारी कर सकेंगी। सरकार की योजना पात्र महिलाओं को रक्षाबंधन के अवसर पर पहली किस्त जारी करने की है। इसके लिए आवेदन सत्यापन और पात्रता जांच की प्रक्रिया तेजी से चल रही है। अब तक योजना के लिए 5 लाख से अधिक पंजीकरण हो चुके हैं, जो इस योजना के प्रति महिलाओं की बढ़ती रुचि को दर्शाता है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के अनुसार, योजना के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक सहायता के साथ-साथ बचत की आदत, डिजिटल वित्तीय समावेशन, सामाजिक सुरक्षा और दीर्घकालिक आर्थिक स्थिरता से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव के दौरान महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण को लेकर जो संकल्प लिया गया था, सरकार उसे अब धरातल पर उतार रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि योजना को शुरुआती सात दिनों में मिला व्यापक समर्थन महिलाओं के विश्वास और भरोसे को दर्शाता है। सरकार का मानना है कि इस योजना से बड़ी संख्या में महिलाओं और उनके परिवारों को आर्थिक लाभ मिलेगा तथा उनकी वित्तीय स्थिति मजबूत होगी।
आवेदन के लिए आधिकारिक पोर्टल
अब तक जिन पात्र महिलाओं ने योजना के लिए आवेदन नहीं किया है, वे दिल्ली लक्ष्मी योजना के आधिकारिक पोर्टल www.dly.delhi.gov.in पर ऑनलाइन पंजीकरण कर सकती हैं। सरकार ने महिलाओं से केवल आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से ही आवेदन करने की अपील की है। साथ ही यह भी कहा है कि आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन और पारदर्शी है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, योजना के लिए अब तक 5,14,460 से अधिक पंजीकरण हो चुके हैं और 2,18,728 आवेदन अंतिम रूप से जमा किए जा चुके हैं। सरकार पात्र लाभार्थियों को रक्षाबंधन के अवसर पर पहली किस्त जारी करने की तैयारी कर रही है। इससे पहले सभी आवेदनों का सत्यापन और पात्रता जांच पूरी की जाएगी।
Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m


