पाकिस्तान की पहली हंगोर-क्लास पनडुब्बी कराची पहुंच गई है, जिसे चीन की मदद से बनाया गया है. यह सबमरीन चीन से रवाना होकर मलेशिया, इंडोनेशिया, सुंडा जलडमरूमध्य के रास्ते श्रीलंका होते हुए पाकिस्तान पहुंची है. यह एक वर्ल्ड क्लास पनडुब्बी है और एआईपी तकनीक से लैस है. ये लंबे समय तक पानी के अंदर रह सकता है. इस उपलब्धि को पाकिस्तान अपनी नौसेना की बड़ी सफलता बता रहा है. 

चीन में बनी पाकिस्तानी नेवी की पहली हंगोर क्लास सबमरीन गुरुवार 11 जून को कराची पहुंच गई. जरदारी ने कहा कि हंगोर कार्यक्रम पाकिस्तान और चीन के बीच मजबूत रणनीतिक साझेदारी को दिखाता है.

पाकिस्तान अपनी नौसैनिक ताकत बढ़ाने के लिए एक बार फिर चीन के सहारे आगे बढ़ता दिख रहा है जिसका सीधा उदाहरण है हंगोर-क्लास पनडुब्बी का गुरुवार को कराची पोर्ट पर पहुंचना. कराची नौसैनिक अड्डे पर पनडुब्बी के पहुंचने पर स्वागत समारोह आयोजित किया गया. गुरुवार को सबमरीन के पाकिस्तानी नेवी के बेड़े में शामिल होने पर राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने सभी को बधाई दी है.

‘हंगोर’ पनडुब्बी एआईपी जैसे मॉर्डन तकनीक से लैस है. यह समुद्र की गहराइयों में लंबे समय तक ओझल रह सकती है. हंगोर-क्लास पनडुब्बी चीन की टाइप-039A डिजाइन पर आधारित डीजल-इलेक्ट्रिक अटैक सबमरीन है. इसमें एयर इंडिपेंडेंट प्रोपल्शन (AIP) तकनीक है.

समुद्र के नीचे नई घेराबंदी: कराची पहुंची चीन निर्मित 'हंगोर' पनडुब्बी, भारत  के लिए कितनी बड़ी चुनौती? - pakistan hangor submarine china aip technology  arabian sea naval ...

पाकिस्तान को चीन से करीब 8 ऐसे पनडुब्बी मिलने वाले हैं. इसके लिए 4-5 अरब की डील हुई है. ड्रैगन अपने नापाक इरादों को पूरा करने के लिए पाकिस्तान का इन सब उपायों से इस्तेमाल कर रहा है भारत के खिलाफ. ड्रैगन सीधे भारत से टकराने का जोखिम नहीं ले सकता है. चीन भारत पर को घेरने के लिए ‘स्ट्रिंग ऑफ पर्ल्स’ रणनीति का इस्तेमाल करता है. यानि वह भारत के पड़ोसी देशों को अपने ‘प्रॉक्सी वॉरफेयर’ के लिए इस्तेमाल करता है.

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