Operation Sindoor Documentary: पाकिस्तान के खिलाफ भारतीय सेना (Indian Army) के सफल ऑपरेशन ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर डिस्कवरी इंडिया (Discovery India) की डॉक्यूमेंट्री सामने आने के बाद पाकिस्तान तिलमिला गया है। आतंक और आतंकियों का जन्मदाता एवं पालक-पोषक पाकिस्तान दुनिया के सामने सच आने के बाद भारत पर आरोपों की झड़ी लगा दी है। ऑपरेशन सिंदूर की डॉक्यूमेंट्री पर पाकिस्तान सेना (Pakistan Army) के मीडिया विंग ISPR ने लंबा बयान जारी कर भारत पर इतिहास को तोड़-मरोड़कर पेश करने का आरोप लगाया है। पाकिस्तान ने ‘मरका-ए-हक’ और भारतीय विमानों को मार गिराने जैसे अपने पुराने दावों को दोहराते हुए डॉक्यूमेंट्री की कहानी को खारिज किया है।
दरअसल ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर बनी डॉक्यूमेंट्री फिल्म ‘Declassified: Operation Sindoor’ को डिस्कवरी इंडिया (Discovery India) ने प्रसारित किया है। इस डॉक्यूमेंट्री में 22 अप्रैल 2025 के पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत की 88 घंटे की सैन्य कार्रवाई की कहानी दिखाई गई है। स्वतंत्रता दिवस के मौके पर 15 अगस्त को डिस्कवरी और डिस्कवरी+ पर डॉक्यूमेंट्री का प्रीमियर हुआ। डॉक्यूमेंट्री में सैन्य और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े वरिष्ठ अधिकारियों के इंटरव्यू के साथ ऑपरेशन की प्लानिंग, टारगेट चुनने और हमले को अंजाम देने से जुड़े कई पहलुओं को सामने रखा गया है।
डॉक्यूमेंट्री सामने आने के बाद पाकिस्तान की तरफ से तीखी प्रतिक्रिया आई है। पाकिस्तानी सेना के मीडिया विंग इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस यानी ISPR ने भारत पर इतिहास को दोबारा लिखने और ऑपरेशन सिंदूर की घटनाओं को गलत तरीके से पेश करने का आरोप लगाया। ISPR ने अपने लंबे बयान में डॉक्यूमेंट्री के दावों को खारिज करते हुए पाकिस्तान के पुराने दावों को दोहराया। ISPR ने भारत की डॉक्यूमेंट्री पर प्रतिक्रिया देते हुए ‘मरका-ए-हक’ का जिक्र किया और दावा किया कि पाकिस्तान ने भारतीय हमलों का जवाब दिया था। बयान में पाकिस्तान ने आठ भारतीय सैन्य विमानों को मार गिराने के अपने दावे को भी दोहराया। पाकिस्तान ने डॉक्यूमेंट्री में भारत की सैन्य कार्रवाई और उसके प्रभाव को दिखाए जाने पर भी सवाल उठाए।
34 टारगेट से 9 ठिकानों तक कैसे पहुंचा ऑपरेशन?
डॉक्यूमेंट्री में बताया गया है कि ऑपरेशन सिंदूर की तैयारी के दौरान भारत ने शुरुआत में 34 संभावित टारगेट की पहचान की थी। इसके बाद इनमें से 9 सटीक ठिकानों को चुना गया। इनमें पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर में मौजूद आतंकी संगठनों के ठिकाने शामिल थे। डॉक्यूमेंट्री के मुताबिक, इनमें मुरीदके और बहावलपुर जैसे ठिकाने भी शामिल थे। ऑपरेशन की पूरी तैयारी बेहद गोपनीय रखी गई थी। डॉक्यूमेंट्री में बताया गया है कि 7 मई 2025 को रात 1:05 बजे हमले शुरू होने से कुछ घंटे पहले तक सेना के भीतर भी ऑपरेशन के सटीक समय की जानकारी सीमित लोगों को थी। ऑपरेशन को फसल अंजाम देने में NSA अजित डोभाल, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान, सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी और नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के. त्रिपाठी समेत सैन्य नेतृत्व का योगदान महत्वपूर्ण था।
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