पलवल की CIA (AVT) हथीन टीम ने नाकाबंदी के दौरान एक क्रेटा गाड़ी से भारी मात्रा में नशीली दवाइयां बरामद की हैं। आरोपी चालक मौके से फरार हो गया, जिसकी गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।
दीपक भारद्वाज, पलवल। पुलिस अधीक्षक नीतीश अग्रवाल के कुशल निर्देशन में चलाए जा रहे “ऑपरेशन क्लीन” के तहत पलवल पुलिस ने नशा तस्करों के नेटवर्क पर एक और करारा प्रहार किया है। सीआईए (AVT) हथीन की टीम ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए भारी कमर्शियल मात्रा में नशीली दवाइयों की एक बड़ी खेप बरामद की है। एसपी नीतीश अग्रवाल ने बताया कि पुलिस युवाओं को नशे के दलदल से बचाने और जिले को नशा मुक्त करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इसी कड़ी में पुलिस प्रवक्ता कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, खुफिया सूचना के आधार पर की गई इस कार्रवाई ने तस्करों के बीच हड़कंप मचा दिया है।
नाकाबंदी के दौरान क्रेटा गाड़ी से भारी बरामदगी
सीआईए (AVT) हथीन प्रभारी पी/एसएसआई दीपक गुलिया ने बताया कि 13 मई 2026 को एएसआई पवन कुमार की टीम उटावड चौक पर गश्त पर तैनात थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि कासम उर्फ पटवारी निवासी उटावड, सफेद रंग की क्रेटा गाड़ी (नंबर T1025RJ0053H) में नशीली दवाइयों की पेटियां लेकर उटावड से घुडावली की ओर जाने वाला है। पुलिस ने तुरंत नाकाबंदी की और संदिग्ध गाड़ी को आते देखा। हालांकि, पुलिस को देखकर चालक अंधेरे का लाभ उठाकर तंग गलियों से भाग निकला। गाड़ी की तलाशी लेने पर 13 पेटियां मिलीं, जिनमें कुल 1560 शीशियां (1,56,000 ML) नशीली दवाई ‘ONEREX’ बरामद हुई। ड्रग कंट्रोलर प्रवीण राठी के अनुसार, इसमें कोडीन फॉस्फेट पाया गया है, जो एनडीपीएस एक्ट की गंभीर श्रेणी में आता है।
जीरो टॉलरेंस की नीति और पुलिस की अपील
पुलिस ने बरामद गाड़ी और नशीली दवाइयों को कब्जे में लेकर थाना उटावड में धारा 22(c)-61-85, NDPS Act के तहत मामला दर्ज कर लिया है। फरार आरोपी कासम उर्फ पटवारी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। एसपी नीतीश अग्रवाल ने कड़ा संदेश देते हुए कहा कि नशे के अवैध कारोबार में संलिप्त किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा। इसके साथ ही पलवल पुलिस ने आमजन से अपील की है कि वे नशे के अवैध धंधे की सूचना तुरंत ‘मानस’ हेल्पलाइन नंबर 1933 या डायल 112 पर दें, ताकि युवाओं के भविष्य को सुरक्षित किया जा सके।
नशा मुक्त भारत का संकल्प
पलवल पुलिस द्वारा की गई इस बरामदगी को व्यावसायिक मात्रा (Commercial Quantity) से कहीं अधिक बताया जा रहा है, जिससे तस्करों के बड़े आर्थिक नेटवर्क को चोट पहुंची है। “ऑपरेशन क्लीन” के तहत जिले के विभिन्न क्षेत्रों में पुलिस की विशेष टीमें सक्रिय हैं, जो न केवल तस्करी को रोक रही हैं बल्कि जन-जागरूकता के माध्यम से युवाओं को भी जागरूक कर रही हैं। पुलिस का दावा है कि जल्द ही मुख्य आरोपी गिरफ्त में होगा और इस पूरे सप्लाई चेन का पर्दाफाश किया जाएगा।

