हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पंचकूला महानगर विकास प्राधिकरण की बैठक में विकास कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने शहर को स्लम-फ्री बनाने, पार्कों में रिचार्ज वेल लगाने और बुनियादी ढांचा मजबूत करने के कड़े निर्देश दिए।
चंडीगढ़। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शुक्रवार को पंचकूला महानगर विकास प्राधिकरण (PMDA) की करीब तीन घंटे तक चली बैठक में शहर के विकास कार्यों की विस्तृत समीक्षा की और अधिकारियों को कई अहम निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य पंचकूला को प्रदेश का ‘नंबर-1 सिटी’ बनाना है, जिसके लिए व्यापक कार्ययोजना तैयार कर समयबद्ध तरीके से लागू की जाए।
मुख्यमंत्री ने बरसात के दौरान पार्कों में जलभराव की समस्या को देखते हुए सभी पार्कों में रिचार्ज वेल लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पार्कों की सिंचाई के लिए केवल ट्रीटेड वाटर का उपयोग किया जाए ताकि जल संरक्षण को बढ़ावा मिल सके।
बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को पंचकूला को स्लम-फ्री शहर बनाने की दिशा में कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पात्र परिवारों के लिए फ्लैट निर्माण की विस्तृत योजना तैयार कर उन्हें बेहतर आवास उपलब्ध कराया जाए। साथ ही सेक्टरों में सफाई, सीवरेज, सड़क और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं को प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बरसात से पहले सीवरेज और नालों की सफाई का कार्य जल्द पूरा किया जाए ताकि जल निकासी में किसी प्रकार की परेशानी न आए। उन्होंने एचएसवीपी की तीन सुपर सकर मशीनें नगर निगम को सौंपने तथा पीएमडीए के लिए नई मशीनें खरीदने के भी निर्देश दिए।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने फाउंटेन पार्क को गुरुग्राम के लेजर वैली पार्क की तर्ज पर विकसित करने, शहर की दीवारों पर आकर्षक वॉल पेंटिंग कराने और प्रमुख चौराहों के सौंदर्यकरण की योजना तैयार करने को कहा। साथ ही स्टॉर्म वाटर निकासी व्यवस्था को भी मजबूत करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अगले माह पीएमडीए की फिर बैठक होगी, जिसमें विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा की जाएगी। उन्होंने शहर में उच्च गुणवत्ता वाले सीसीटीवी कैमरे लगाने, शूटिंग रेंज को अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाओं से लैस करने तथा खिलाड़ियों के लिए बेहतर प्रशिक्षण व्यवस्था विकसित करने के निर्देश भी दिए।
बैठक में मल्टीफीचर पार्क पर अब तक करीब 22 करोड़ रुपये खर्च होने की जानकारी मिलने पर मुख्यमंत्री ने पूरे मामले की जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के आदेश दिए। इसके अलावा सभी पार्कों में सुंदर पौधे लगाने, वाटर बॉडी को पुनर्जीवित करने, फव्वारे और सार्वजनिक शौचालय विकसित करने के भी निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने बताया कि जलधारा योजना-2 के तहत शहर से गुजरने वाले 11 किलोमीटर लंबे नालों का सौंदर्यकरण किया जाएगा। साथ ही शहर में पांच नए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) स्थापित किए जाएंगे, जिनमें से तीन के टेंडर जारी हो चुके हैं। पिंजौर, कालका और मोरनी क्षेत्र में निर्बाध पेयजल आपूर्ति के लिए नए जलघर बनाने की योजना पर भी काम किया जाएगा।
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि पंचकूला में लगभग 575 करोड़ रुपये की लागत से 22 विकास परियोजनाओं पर कार्य जारी है। वहीं 60 सड़कों में से 34 का निर्माण पूरा हो चुका है तथा कैक्टस गार्डन, हर्बल पार्क, मैंगो पार्क, सिटी पार्क और टोपियरी पार्क के नवीनीकरण का कार्य भी प्रगति पर है।

