पंचकूला के शाहपुर प्रतिबंधित भूमि घोटाले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने एलएओ जोगिंदर शर्मा को गिरफ्तार कर सात दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है।
पंचकूला। जिला पंचकूला के बहुचर्चित शाहपुर प्रतिबंधित भूमि घोटाले में राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने बड़ी कार्रवाई की है। जांच एजेंसी ने भ्रष्टाचार के मामले में भूमि अधिग्रहण अधिकारी (एलएओ) जोगिंदर शर्मा को गिरफ्तार कर लिया है। कोर्ट में पेशी के बाद ब्यूरो ने गहन पूछताछ के लिए आरोपी अधिकारी का सात दिन का पुलिस रिमांड भी हासिल किया है। एसीबी की जांच के अनुसार इस करोड़ों रुपये के बड़े घोटाले में जोगिंदर शर्मा के हिस्से करीब 2.4 करोड़ रुपये की मोटी रकम आई थी। आरोपी अधिकारी ने रिश्वत के इन पैसों को दिल्ली, मनाली और भिवानी के अलग-अलग गुप्त स्थानों पर छुपाकर रखा है, जिसे बरामद करने के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है।
आठ महीने से बंद था मोबाइल फोन
जांच टीम को छानबीन के दौरान पता चला कि आरोपी अधिकारी का मोबाइल फोन पिछले आठ महीने से लगातार स्विच ऑफ था। पुलिस के अनुसार इस मोबाइल को सालासर में आरोपी के रिश्तेदारों के घर पर बेहद चालाकी से छुपाया गया था, जिसे फिलहाल पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया है। इस पूरे मामले में पुलिस आरोपी के भिवानी जिले के कुड़ल गांव निवासी रिश्तेदार नवीन और दिनेश की भूमिका की भी बारीकी से जांच कर रही है। इस मामले में इसी साल 30 जनवरी को एफआईआर दर्ज की गई थी, जिसके अनुसार तत्कालीन तहसीलदार विक्रम सिंगला को अच्छे से पता था कि 25 अक्टूबर 2019 से संबंधित विवादित भूमि की खरीद-बिक्री पर पूरी तरह रोक लगी हुई है।
सुप्रीम कोर्ट की रोक के बाद रजिस्ट्री
इसके बावजूद अधिकारियों की मिलीभगत से 16 अक्टूबर 2025 को प्रतिबंधित जमीन का बिक्री विलेख दर्ज कराया गया था। आरोप है कि बलदेव कौर ने रायपुररानी के गांव शाहपुर में करोड़ों की भूमि को बेहद कम दाम में नवीन को बेच दिया था। यह जमीन 2004 में पीजीएफ लिमिटेड और अन्य लोगों ने खरीदी थी, जिसमें सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर हुई सीबीआई जांच में बड़ा धोखाधड़ी का खुलासा हुआ था। शीर्ष अदालत और न्यायमूर्ति आरएम लोढ़ा समिति ने हरियाणा सरकार को सख्त निर्देश दिए थे कि इस संपत्ति की बिक्री बिना एनओसी के नहीं होगी। इसके बावजूद नियमों को ताक पर रखकर रजिस्ट्री की गई, जिसमें अब कई अन्य बड़े खुलासे होने की उम्मीद जताई जा रही है।

