पटना। जिले के अंतर्गत आने वाले पंडारक थाना क्षेत्र के छपेरातर इलाके में एक स्कूल में भोजपुरी गाना बजाने से मना करने पर कुछ उपद्रवी युवकों ने एक शिक्षक के साथ बेरहमी से मारपीट की। पीड़ित शिक्षक की पहचान प्रणव कुमार के रूप में हुई है, जो अपनी ड्यूटी पूरी करने के बाद ऑटो से बाढ़ की ओर जा रहे थे। रास्ते में घात लगाए बैठे कुछ नकाबपोश युवकों ने उनके ऑटो को जबरन रुकवाया, उन्हें नीचे खींचा और उनके साथ जमकर मारपीट की। इस अचानक हुए हमले से इलाके के शिक्षकों और आम नागरिकों में भारी रोष और दहशत का माहौल है।

​छात्रों की रंजिश और धमकी

​घायल शिक्षक प्रणव कुमार ने पुलिस को दिए अपने बयान में सनसनीखेज खुलासे किए हैं। उन्होंने बताया कि उनके साथ मारपीट करने वाले युवकों में से कम से कम दो युवक उनके अपने ही स्कूल के छात्र हैं। शिक्षक के अनुसार, कुछ दिन पहले विद्यालय की स्मार्ट क्लास के दौरान इन छात्रों द्वारा मोबाइल या अन्य माध्यमों से फूहड़ या तेज आवाज में भोजपुरी गाना बजाया जा रहा था। शिक्षक ने जब अनुशासन का हवाला देते हुए उन्हें ऐसा करने से रोका और गाना बजाने पर आपत्ति जताई, तो उन छात्रों ने शिक्षक के साथ बहस की थी। आरोप है कि उसी समय उन छात्रों ने शिक्षक को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी थी, और अपनी इसी पुरानी खुन्नस को निकालने के लिए उन्होंने इस कायराना वारदात को अंजाम दिया।

​हथियारों का प्रदर्शन और चिकित्सीय जांच

​शिक्षक प्रणव कुमार ने यह भी आरोप लगाया है कि हमलावरों में से कुछ युवकों के पास हथियार भी थे, जिससे उनकी जान को गंभीर खतरा पैदा हो गया था। इस हमले में शिक्षक को गंभीर चोटें आई हैं। घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से उन्हें पंडारक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) ले जाया गया, जहां डॉक्टरों की देखरेख में उनका इलाज किया गया। गनीमत यह रही कि समय पर चिकित्सा मिलने से उनकी स्थिति खतरे से बाहर है, लेकिन इस घटना ने शैक्षणिक संस्थानों में शिक्षकों की सुरक्षा व्यवस्था पर एक बड़ा और गंभीर सवालिया निशान खड़ा कर दिया है।

​पुलिस की कार्रवाई और जांच

​सूचना मिलते ही पंडारक थाना की पुलिस हरकत में आई और तुरंत मौके पर पहुंचकर मामले की जांच शुरू कर दी। पंडारक थाना प्रभारी ने मीडिया को जानकारी दी है कि इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने एक संदिग्ध युवक को हिरासत में ले लिया है और उससे लगातार पूछताछ की जा रही है। पुलिस का मुख्य फोकस इस बात पर है कि घटना में शामिल अन्य फरार आरोपियों की जल्द से जल्द पहचान की जाए और उन्हें गिरफ्तार किया जाए। इसके साथ ही, पुलिस उन तमाम परिस्थितियों और कारणों का भी बारीकी से पता लगा रही है, जिनके चलते इस पूरी घटना को योजनाबद्ध तरीके से अंजाम दिया गया।