पानीपत में इंस्टाग्राम पर फर्जी डॉक्टर बनकर महिला डॉक्टर से 14 लाख रुपये की ठगी करने वाले 12वीं पास शातिर अपराधी को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी ने केजीएमयू लखनऊ में दाखिला दिलाने के नाम पर वारदात को अंजाम दिया था।

पानीपत। साइबर थाना पुलिस ने एक ऐसे शातिर ठग को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है, जिसने खुद को डॉक्टर बताकर एक महिला डॉक्टर से लाखों रुपये की ठगी की। 12वीं पास इस आरोपी ने इंस्टाग्राम पर फर्जी प्रोफाइल बनाकर पीड़िता को लखनऊ के प्रतिष्ठित किंग जार्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) में पोस्ट ग्रेजुएशन (MD) में दाखिला दिलाने का झांसा दिया। इस जालसाजी के माध्यम से आरोपी ने पीड़िता से करीब 14 लाख रुपये ठग लिए। जब पीड़िता ने यूनिवर्सिटी जाकर जांच की, तब उसे इस फर्जीवाड़े का पता चला और उसने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

इंस्टाग्राम पर दोस्ती और ₹14 लाख की धोखाधड़ी

डीएसपी सतीश वत्स ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि पानीपत निवासी डॉ. हरसिमरन कौर ने 4 मई 2026 को शिकायत दी थी। पीड़िता दिल्ली से पीजी कर रही है और इंस्टाग्राम पर उसकी मुलाकात ‘डॉ. निखिल’ नाम की आईडी से हुई थी। आरोपी ने खुद को पीजीआईएमएस चंडीगढ़ का एमडी डॉक्टर बताकर पीड़िता का विश्वास जीता और केजीएमयू लखनऊ में डर्मेटोलॉजी विभाग में दाखिला दिलाने का भरोसा दिलाया। झांसे में आकर पीड़िता ने विभिन्न बैंक खातों और यूपीआई के माध्यम से 14 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। ठगी को पुख्ता करने के लिए आरोपी ने फर्जी ईमेल भी भेजे, लेकिन पैसे मिलते ही अपना फोन बंद कर लिया।

15 से अधिक डॉक्टरों को बनाया निशाना

साइबर थाना पुलिस ने तकनीकी जांच के आधार पर कार्रवाई करते हुए आरोपी शाहनवाज उर्फ डॉ. निखिल को 6 मई को उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले के कुटेसरा गांव से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी के पास से मोबाइल फोन और सिम कार्ड बरामद किए हैं, साथ ही उसके खातों में मौजूद करीब 6 लाख रुपये की राशि को होल्ड करा दिया है। जांच में सामने आया है कि आरोपी खासतौर पर महिला डॉक्टरों को निशाना बनाता था और अब तक 15 से अधिक डॉक्टरों से ठगी कर चुका है। आरोपी के खिलाफ दिल्ली और उत्तराखंड में भी धोखाधड़ी के मामले दर्ज हैं, और पुलिस अब उसके पूरे नेटवर्क को खंगाल रही है।