पानीपत। पंचकूला में करोड़ों की ठगी के आरोप में गिरफ्तार नगर निगम के जूनियर इंजीनियर (जेई) रोहित सैनी को लेकर पानीपत नगर निगम में बड़ा खुलासा हुआ है। गिरफ्तारी के बाद भी उसकी हाजिरी कार्यालय के रजिस्टर में लगती रही। जांच में सामने आया कि निगम से रिटायर हो चुके दो क्लर्क उसकी फर्जी उपस्थिति दर्ज कर रहे थे।
जानकारी के अनुसार, 1 जुलाई को रोहित सैनी की गिरफ्तारी के बावजूद 2 जुलाई को भी हाजिरी रजिस्टर में उसकी उपस्थिति दर्ज मिली। मामले की जानकारी मिलते ही नगर निगम आयुक्त डॉ. पंकज राव ने सभी कर्मचारियों की हाजिरी की जांच के आदेश दिए हैं। साथ ही भविष्य में फर्जी हाजिरी रोकने के लिए फेस रिकग्निशन आधारित बायोमेट्रिक अटेंडेंस सिस्टम लागू करने का फैसला लिया गया है।
सूत्रों के मुताबिक, रिटायर्ड क्लर्क ओमवीर और सोमवीर नियमित रूप से जेई की हाजिरी लगाते थे। इसके बदले दोनों को हर महीने करीब ₹15 हजार दिए जाते थे। निगम आयुक्त ने दोनों के खिलाफ भी कार्रवाई के निर्देश जारी कर दिए हैं।
गौरतलब है कि जेई रोहित सैनी पर हरियाणा ओलंपिक एसोसिएशन का ₹2.50 करोड़ का भुगतान कराने और विजिलेंस जांच से बचाने का झांसा देकर ₹3.50 करोड़ की ठगी करने का आरोप है। शिकायतकर्ता खेल सामग्री निर्माता कंपनी शिव नरेश प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक शिव प्रकाश सिंह हैं। फिलहाल रोहित पुलिस रिमांड पर है और उसके बैंक खातों, पैसों के लेनदेन तथा पूरे गिरोह की जांच जारी है। वहीं, मामले के मुख्य साजिशकर्ता बताए जा रहे उसके भाई मोहित की तलाश में पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है।
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