पानीपत के कच्चा कैंप में रहने वाले एक परिवार ने अपनी नाबालिग बेटी की मौत को लव जिहाद का मामला बताते हुए अल्ताफ और राधा नाम की महिला पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पुलिस फिलहाल पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने का इंतजार करने की बात कह रही है।

प्रवीण भारद्वाज, पानीपत। कच्चा कैंप इलाके में पिछले एक महीने से मोबाइल में सबूत के तौर पर सीसीटीवी फुटेज, हाथ में बेटी की फोटो और आरोपी की चैट लिए बेटी की मौत की मिस्ट्री जानने के लिए एक पीड़ित परिवार दर-दर के धक्के खाने को मजबूर है। मूल रूप से यूपी के बिजनौर के रहने वाले पिता राजेंद्र ने बताया कि वह पिछले कुछ सालों से यहां किराए पर रहकर मेहनत मजदूरी से परिवार का पेट पाल रहे थे। बीती 10 जून 2026 को उनकी नाबालिग बेटी संदिग्ध परिस्थितियों में अचानक गायब हो गई थी। इसके बाद जब आसपास की सीसीटीवी फुटेज को खंगाला गया तो मृतका पहले अल्ताफ नाम के एक लड़के के साथ दिखाई दी और दूसरी फुटेज में वह नहर किनारे राधा नाम की एक महिला के साथ चलती हुई नजर आई। इस फुटेज में दोनों नहर के बिल्कुल किनारे पहुंचती हैं और उसके बाद बेटी नहर में गिरती हुई दिखाई देती है। बेटी का शव बाद में रोहतक के पास नहर से बरामद किया गया लेकिन पीड़ित परिवार का गंभीर आरोप है कि स्थानीय पुलिस इस मौत की असल वजह को सामने नहीं ला पा रही है।

लव जिहाद में फंसाने का बड़ा आरोप

मृतक नाबालिग लड़की के मां-बाप का सीधा आरोप है कि उनकी बेटी को एक विशेष समुदाय के लड़के अल्ताफ ने सोशल मीडिया पर अपनी बातों में फंसाया था और उसके बाद दोनों दिन-रात आपस में बातचीत करने लग गए थे। पीड़ित परिजनों ने आरोप लगाया है कि उनकी बेटी को लव जिहाद के जाल में फंसाकर मुख्य आरोपी लड़के ने ही सीसीटीवी में दिखाई देने वाली महिला राधा के साथ मिलकर उसे नहर में कूदने के लिए पूरी तरह से मजबूर कर दिया था। इस बेहद दर्दनाक घटना को लगभग एक महीना पूरा होने को आया है लेकिन दुखी परिवार का आरोप है कि पुलिस केवल यह कह रही है कि विस्तृत पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही पूरा मामला साफ हो पाएगा। मां-बाप का कहना है कि लिखित शिकायत में बताए गए आरोपी लड़के अल्ताफ और महिला राधा से पुलिस ने केवल खानापूर्ति के लिए ही पूछताछ की और दोनों को उसी दिन आसानी से छोड़ दिया जिससे पीड़ित परिवार को गहरा शक है कि लव जिहाद में फंसाकर उनकी बेटी को आत्महत्या के लिए उकसाया गया है।