इदरीश मोहम्मद, पन्ना। मध्य प्रदेश के पन्ना जिले से कानून के रखवालों को शर्मसार करने वाली बेहद सनसनीखेज खबर सामने आई है। जहां रक्षक ही भक्षक बन बैठे। बागेश्वर धाम जा रहे एक व्यापारी को पुलिस ने शिकार बना लिया। इस मामले में निलंबन के बाद पहली बार टीआई समेत तीन पर केस दर्ज किया गया है। आइए जानते है आखिर पूरा मामला क्या है…
जानकारी के मुताबिक, रीवा के एक संभ्रांत सोने-चांदी के व्यापारी मोहनलाल सोनी, जो अपनी गाड़ी से बागेश्वर धाम दर्शन के लिए निकले थे। उन्हें मड़ला थाना क्षेत्र में पुलिसकर्मियों और उनके गुर्गों ने अपना शिकार बना लिया। दिनदहाड़े हुई इस वारदात में व्यापारी की कार को रोककर, उसमें जबरन गांजे की पुड़िया होने का झूठा दावा किया गया।
इसके बाद जेल भेजने की धमकी देकर व्यापारी को करीब दो घंटे तक बंधक बनाए रखा गया। बदनामी और कानूनी कार्रवाई के डर से सहमे व्यापारी से आरोपियों ने 95,000 रुपये की मोटी रकम ऐंठ ली, जिसमें से 50,000 रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर करवाए गए।
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इस मामले में खाकी का असली चेहरा तब बेनकाब हुआ जब जांच के बाद मड़ला थाना प्रभारी रचना पटेल, पुलिसकर्मी रज्जाक खान, रामशरण अहिरवार और उनके एक साथी बृजेश यादव के खिलाफ साजिश और जबरन वसूली की संगीन धाराओं में मामला दर्ज किया गया। खाकी पर लगे इस बड़े दाग के बाद महकमे में हड़कंप तो मचा है, लेकिन हैरान करने वाली बात यह है कि इस गंभीर मामले पर पन्ना पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी कुछ भी कहने से साफ बच रहे हैं।

