इदरीश मोहम्मद, पन्ना। जिले के पवई थाना अंतर्गत नारायणपुरा गांव में प्रशासनिक लापरवाही और बोरवेल से संदिग्ध जहरीली गैस के रिसाव ने एक ही परिवार के तीन चिराग बुझा दिए। बीते 20 अगस्त को बोरवेल में मोटर सुधारने उतरे किसान उजागर लाल वर्मन (55) और उनके छोटे बेटे अतुल (30) की दम घुटने से मौत हो गई थी। इस दर्दनाक हादसे के महज 8 दिनों बाद शुक्रवार देर शाम बड़े बेटे सतीश वर्मन (32) की भी उसी बोरवेल के कारण जान चली गई।
20 अगस्त की घटना के बाद प्रशासन ने गैस रिसाव की वैज्ञानिक जांच और सुरक्षा का आश्वासन दिया था, लेकिन मौके पर न तो कोई टीम पहुंची और न ही बोरवेल को सील किया गया। इसी अनदेखी के चलते सतीश भी मोटर खोलने उतरा और अचेत हो गया, जिसे अस्पताल में डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रशांत भदौरिया के अनुसार शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर पुलिस को सूचित कर दिया गया है। एक ही घर से 8 दिन में तीन अर्थियां उठने से गांव में मातम और भारी आक्रोश है। ग्रामीण अब भूवैज्ञानिक जांच, क्षेत्र के सभी बोरवेलों के सर्वे और दोषी अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
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