Bihar News: दिल्ली के सत्य निकेतन में हुए इमारत हादसे में अब तक कुल 6 लोगों के मौत की खबर है। गौरतलब है कि कल रविवार की दोपहर एक पांच मंजिला इमारत अचानक भरभराकर गिर गई थी, जिसके मलबे में अभी भी कई लोगों के दबे होने की आशंका है। हादसे के बाद से राहत और बचाव का काम लगातार जारी है।
एनडीआरएफ, दमकल और पुलिस की टीमें मलबे को हटाकर लोगों की तलाश में जुटी हैं। वहीं, घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इन सबके बीच अब इस घटना पर राजनीति भी तेज हो गई है। दरअशल पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने घटना को लेकर पीएम मोदी पर जमकर निशाना साधा है।
ऐसा हृदयहीन प्रधानमंत्री नहीं देखा- पप्पू यादव
पप्पू यादव ने आज सोमवार की सुबह घटना के बारे में सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट शेयर करते हुए लिखा, ऐसा हृदयहीन प्रधानमंत्री नहीं देखा, जिसने परसों दिल्ली यूनिवर्सिटी में घंटों बकवास और रीलबाजी किया। वहीं, कल (रविवार) को जब दिल्ली यूनिवर्सिटी के पास एक इमारत ढह गई, जिसमें बहुत सारे छात्र दब गए। वहीं, दर्जनों घायल हैं, कई मारे गए तो कल से आज तक इस प्रधानमंत्री के मुंह से, इनके सोशल मीडिया पर दो शब्द उनके लिए नहीं निकला।
पीएम से की थी मदद करने की अपील
बता दें कि इससे पहले सत्य निकेतन में इमारत गिरने की घटना पर पप्पू यादव ने दुख जताया था। उन्होंने घटना से जुड़ा एक वीडियो एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा था कि, दिल्ली विश्वविद्यालय साउथ कैंपस बहुमंजिली इमारत गिर गई है। बहुत सारे बच्चे इसके नीचे दब गए हैं, अत्यंत दुःखद, हम सब मर्माहत हैं। इसके साथ ही उन्होंने आगे कहा कि, कल दिल्ली विश्वविद्यालय में पीएम साहब लंबी-लंबी छोड़ने गए थे। आज रेस्क्यू करने आइए PM साहब। भाषण नहीं मदद कीजिए।
बेसमेंट में दबे हो सकते हैं कुछ मजदूर- फायर ऑफिसर
सत्य निकेतन में इमारत गिरने की घटना पर दिल्ली फायर ऑफिसर अभिलाष कुमार मलिक ने कहा कि, कल दोपहर 1:33 बजे हमें इमारत गिरने की सूचना मिली। 1:34 बजे तक हमने शुरुआती कार्रवाई शुरू कर दी। इसके बाद, जब हमारी टीम मौके पर पहुंची, तो उन्होंने हमें हालात की जानकारी दी और बताया कि मलबे के नीचे काफी लोग फंसे हो सकते हैं। इसके बाद हमने अपनी कार्रवाई का स्तर बढ़ाया। फिर 12 फायर टेंडर तैनात किए गए और मैं खुद भी जल्द ही मौके पर पहुंच गया। तब से हम लगातार बचाव अभियान चला रहे हैं। अब तक हमने करीब 12 लोगों को बाहर निकाला है। हम बेसमेंट स्लैब के पास पहुंच गए हैं और उम्मीद है कि आज शाम तक बेसमेंट भी खाली कर लेंगे। चश्मदीदों ने बताया है कि बेसमेंट में कुछ मरम्मत या निर्माण कार्य चल रहा था। इसलिए, इस बात की संभावना है कि कुछ मजदूर बेसमेंट में हो सकते हैं, यह संभावना बनी हुई है।
अपने दोस्त और परिजनों को ढूंढ रहे लोग
वहीं, सत्य निकेतन में गिरी इमारत मामले में अपने दोस्त को ढूंढ रहे मयंक नाम के एक छात्र ने बताया कि, मेरे दोस्त का नाम अर्पित है। हम देवास में एक ही स्कूल में पढ़ते थे। वह ARSD कॉलेज में सेकंड ईयर का स्टूडेंट है। कल जब इमारत गिरी, तो वह अंदर ही था। मैं KMC से हूं, मुझे शाम करीब 4-5 बजे इसके बारे में पता चला। उसके घरवाले कल रात 10 बजे से यहां हैं, लेकिन हमें सही जानकारी नहीं दी जा रही है। वे साफ़ तौर पर नहीं बता रहे हैं कि वहां क्या स्थिति है। वह अभी तक हमें नहीं मिला है। वे हमें यह भी ठीक से नहीं बता रहे हैं कि अंदर कौन-कौन है।
40 साल पुरानी और जर्जर थी इमारत
बता दें कि जहां यह हादसा हुआ है, वह जगह दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) के साउथ कैंपस के पास सत्य निकेतन की एक संकरी गली है। इसी गली में लड़कों के लिए पांच मंजिला पेइंग गेस्ट था। यह इमारत करीब 40 साल पुरानी और काफी जर्जर बताई जा रही है। हादसे की मुख्य वजह इमारत के बेसमेंट में चल रहे काम को बताया जा रहा है।
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