पटना। पूर्णिया से लोकसभा सांसद पप्पू यादव की दिल्ली में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक युवक ने उन पर जूता फेंक दिया। घटना के बाद सांसद के समर्थकों और आरोपी युवक के बीच तीखी झड़प हुई और जमकर मारपीट हुई। सांसद ने आरोपी को तुरंत पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया।
इस घटना के बाद राजनीति गरमा गई है। पप्पू यादव ने सोशल मीडिया पर आरोपी की तस्वीर साझा करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से तीखे सवाल पूछे हैं और इसे अपनी हत्या की गहरी साजिश करार दिया है।
पप्पू यादव का गंभीर आरोप: हत्या की थी साजिश
प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद मीडिया से बातचीत में पप्पू यादव ने दावा किया कि यह हमला उनकी जान लेने की सोची-समझी साजिश थी। उन्होंने कहा कि आरोपी युवक के पास चाकू था और यदि मौके पर मीडियाकर्मी और उनके समर्थक मौजूद नहीं होते, तो उनकी जान भी जा सकती थी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनके परिजनों को लगातार परेशान किया जा रहा है और कई बाबा उन्हें जलाने व मारने की धमकी दे रहे हैं।
समर्थकों का दावा: अतीक हत्याकांड जैसी थी प्लानिंग
घटना के दौरान मौजूद पप्पू यादव के मीडिया संयोजक और समर्थकों ने दावा किया कि हमलावर प्रयागराज पार्ट टू यानी अतीक अहमद जैसी वारदात को अंजाम देने की फिराक में आए थे। समर्थकों के अनुसार, हमलावर ने पहले चप्पल फेंकी और फिर जब उसने चाकू निकाला, तो उन्होंने बीच-बचाव किया। इस दौरान एक समर्थक की उंगली में चाकू लगने से चोट भी आई। उन्होंने दिल्ली पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए सुरक्षा व्यवस्था में गंभीर चूक का आरोप लगाया है।
आरोपी हैप्पी शर्मा की सफाई
दूसरी ओर, आरोपी युवक हैप्पी शर्मा (निवासी बुलंदशहर) ने अपनी सफाई में कहा कि वह साधु-संतों के समर्थन में वहां पहुंचा था। उसका आरोप है कि पप्पू यादव लगातार हिंदू देवी-देवताओं और साधु-संतों के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणियां करते हैं। आरोपी के मुताबिक, वे सिर्फ विरोध दर्ज कराने और यह सवाल पूछने गए थे कि वे ऐसा क्यों कर रहे हैं, लेकिन सांसद और उनके समर्थकों ने उनकी पिटाई शुरू कर दी।


