हरियाणा के फतेहाबाद में ऑनलाइन शॉपिंग के खाली डिब्बों से व्यक्तिगत डेटा चोरी कर ठगी करने का नया मामला सामने आया है। इस सुरक्षा चूक को देखते हुए पुलिस ने आम जनता को शिपिंग लेबल नष्ट करने और सतर्क रहने की चेतावनी दी है।
फतेहाबाद। जिले में ऑनलाइन खरीदारी के बढ़ते दौर के बीच डिजिटल अपराधियों द्वारा लोगों को ठगने का एक बिल्कुल नया और बेहद चौंकाने वाला तरीका सामने आया है। इंटरनेट के माध्यम से सामान मंगाने के बाद घरों के बाहर फेंके जाने वाले खाली पार्सल बॉक्स अब अपराधियों के लिए सूचनाएं बटोरने का जरिया बन रहे हैं।
अपराधी इन कबाड़ और कचरे के डिब्बों में पड़े बॉक्सों पर चिपके हुए विवरण पत्रों को एकत्रित कर रहे हैं। इन पर्चियों पर खरीदार का नाम, उसका मोबाइल नंबर, आवासीय पता और कभी-कभी इलेक्ट्रॉनिक मेल आईडी जैसी महत्वपूर्ण जानकारियां अंकित होती हैं। इस संवेदनशील डेटा का दुरुपयोग करके ठग ग्राहकों को सीधे फोन मिलाते हैं और खुद को नामचीन ई-कॉमर्स फर्म या कूरियर कंपनी का प्रतिनिधि बताकर उनका भरोसा जीत लेते हैं।
प्रलोभन देकर लगाते हैं चंपत
ये जालसाज उपभोक्ताओं को उनके फोन पर संपर्क करके विभिन्न प्रकार के वित्तीय लाभ, उपहार वाउचर, विशेष छूट या कैशबैक मिलने का प्रलोभन देते हैं। इसके बाद वे पीड़ित के मोबाइल पर एक संदिग्ध इंटरनेट लिंक भेजते हैं या फिर उनसे वित्तीय खाते से संबंधित गोपनीय विवरण जैसे सीवीवी, कार्ड नंबर और ओटीपी हासिल करने का प्रयास करते हैं।
कई वारदातों में तो अपराधियों द्वारा उपभोक्ताओं को झांसा देकर उनके स्मार्टफोन में अनजान मोबाइल ऐप इंस्टॉल करवा दिए जाते हैं। इन डिजिटल एप्लीकेशन के जरिए फोन में खतरनाक सॉफ्टवेयर प्रवेश कर जाते हैं, जिससे बैंक खातों का पूरा नियंत्रण अपराधियों के हाथों में चला जाता है और पलक झपकते ही बड़ी राशि उड़ा ली जाती है।
सुरक्षा के लिए रखें ध्यान
इस प्रकार की वारदातों से सुरक्षित रहने के लिए ऑनलाइन मंगाए गए सामान के खाली बॉक्स को फेंकने से पूर्व उस पर चिपके शिपिंग लेबल को पूरी तरह से फाड़कर नष्ट कर देना चाहिए। इसके साथ ही किसी भी अपरिचित लिंक को खोलने से बचना, व्यक्तिगत बैंकिंग सूचनाएं किसी से न बांटना और किसी अनजान के निर्देश पर कोई सॉफ्टवेयर डाउनलोड न करना ही बचाव का जरिया है।
यदि कोई नागरिक इस प्रकार की किसी भी डिजिटल धोखाधड़ी के जाल में फंस जाता है, तो उसे बिना विलंब किए अपने निकटतम पुलिस स्टेशन, जिला साइबर शाखा अथवा केंद्र सरकार की राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन सेवा संख्या 1930 पर तुरंत अपनी शिकायत दर्ज करानी चाहिए।
एसपी ने दी सख्त चेतावनी
फतेहाबाद की पुलिस अधीक्षक (एसपी) निकिता खट्टर ने इस विषय में जानकारी देते हुए बताया कि अपराधी आए दिन तकनीकी ठगी के नए-नए रास्ते तलाश रहे हैं। ऐसे में प्रत्येक व्यक्ति के लिए यह आवश्यक हो जाता है कि वह इंटरनेट बैंकिंग और ऑनलाइन डिलीवरी से जुड़ी अपनी निजी जानकारियों को कचरे में फेंकने से पहले अच्छी तरह नष्ट कर दे। उन्होंने साफ किया कि पुलिस विभाग इन समस्त गैर-कानूनी गतिविधियों पर सूक्ष्मता से दृष्टि बनाए हुए है और संलिप्त पाए जाने वाले अपराधियों के विरुद्ध अत्यंत कठोर विधिक कदम उठाए जाएंगे।

